सोशल मीडिया पर बीएसए के कार्यों पर टिप्पणी करना शिक्षकों को पड़ा भारी, रोका गया वेतन
रसूलाबाद विकासखंड के परिषदीय शिक्षकों को सोशल मीडिया पर बीएसए के खिलाफ टिप्पणी करना महंगा पड़ गया। बीएसए ने शिक्षकों का वेतन अग्रिम आदेशों तक के लिए अवरुद्ध कर दिया है।

अमन यात्रा, कानपुर देहात। रसूलाबाद विकासखंड के परिषदीय शिक्षकों को सोशल मीडिया पर बीएसए के खिलाफ टिप्पणी करना महंगा पड़ गया। बीएसए ने शिक्षकों का वेतन अग्रिम आदेशों तक के लिए अवरुद्ध कर दिया है।
अगर आप सरकारी मुलाजिम हैं तो सोशल मीडिया पर अपने विचार व्यक्त करते समय थोड़ा संयम बरतें अन्यथा आपका वेतन रुक सकता है। दो शिक्षकों द्वारा बीएसए के खिलाफ ट्विटर पर ट्वीट करना भारी पड़ गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए बीएसए ने दोनों शिक्षकों का वेतन अग्रिम आदेशों तक के लिए अवरुद्ध कर दिया है। इसके साथ 3 कार्य दिवस के अंदर स्वयं उपस्थित होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। स्पष्टीकरण प्राप्त न होने अथवा संतोषजनक न पाए जाने की स्थिति में कठोर विभागीय कार्यवाही करने की बात कही गई है। बता दें रसूलाबाद विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय सुजानपुर में कार्यरत शिक्षक राघव मिश्रा एवं रसूलाबाद विकासखंड के ही प्राथमिक विद्यालय दुदावर में कार्यरत शिक्षक स्मरेन्दु दीक्षित ने ट्विटर अकाउंट पर बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यों पर तंज कसते हुए लिखा कि बेसिक शिक्षा विभाग की अनियमितताओं को दूर करने में बीएसए नहीं ले रही रुचि। नियम विरुद्ध प्रोन्नति, नियुक्ति के मामलों में लेखाधिकारी के पत्र के बाद भी नहीं बनी जांच टीम। लेखाधिकारी के पत्रों को ठंडे बस्ते में डाल रही बीएसए।
लेखा और बीएसए कार्यालय के बीच वर्चस्व की जंग जारी। बीएसए कार्यों के प्रति नहीं हैं सजक इत्यादि कोटेशन लिखकर ट्विटर अकाउंट पर वायरल कर दिया जिसको देख बीएसए का पारा गर्म हो गया और उन्होंने सरकारी सेवा आचरण नियमावली के तहत दोनों शिक्षकों का वेतन अग्रिम आदेशों तक के लिए अवरुद्ध कर दिया है साथ ही 3 दिवस के अंदर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। आदेश के बाद शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है।
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