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यूपी के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 1-8 तक के अध्यापकों के 126028 पद खाली सरकार ने आंकड़ा किया जारी 

भारत में प्रत्येक वर्ष 2 लाख से भी ज्यादा अभ्यार्थी बीएड बीटीसी/डीएलएड की पढ़ाई कर के पास आउट होते हैं। अगर सिर्फ यही संख्या बीटीसी व बीएड की मिला ली जाए तो प्रत्येक वर्ष ढाई से 3 लाख अभ्यर्थी पास आउट होकर निकलते हैं।

Story Highlights
  • बीएड बीटीसी कर भटक रहे लाखों युवा

अमन यात्रा, कानपुर देहात।  भारत में प्रत्येक वर्ष 2 लाख से भी ज्यादा अभ्यार्थी बीएड बीटीसी/डीएलएड की पढ़ाई कर के पास आउट होते हैं। अगर सिर्फ यही संख्या बीटीसी व बीएड की मिला ली जाए तो प्रत्येक वर्ष ढाई से 3 लाख अभ्यर्थी पास आउट होकर निकलते हैं। अभ्यर्थियों की तरफ से कहा जा रहा है कि इतने ज्यादा कोर्स करने पर भी उन्हें शिक्षक की नौकरी नहीं मिल पा रही है। जिस वजह से अभ्यर्थी परेशान हैं। वहीं पर केंद्र सरकार की तरफ से एक डाटा पेश किया गया है।

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जिसमें वर्ष 2020 से लेकर वर्ष 2022 तक देश के सभी राज्यों में कक्षा एक से आठवीं तक शिक्षकों के कुल कितने पद खाली हैं उसको लेकर यह डाटा जारी हो चुका है। बिहार के बाद उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक शिक्षकों के पद रिक्त हैं। सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की अगर कमी है तो उन्हें तुरंत भरा जाना बहुत ही आवश्यक होता है क्योंकि शिक्षा ही समाज को बेहतर बनाती है और भविष्य को तय करती है। अब शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर केंद्र और राज्य सरकार से लगातार सवाल भी हो रहे हैं कि इतने पद खाली होने के बाद भी शिक्षकों की भर्ती क्यों नहीं की जा रही है। बिहार से लेकर उत्तर प्रदेश से लेकर राजस्थान तक देश के सभी राज्यों में कक्षा 1 से लेकर आठवीं तक के विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी है। शिक्षकों की ढंग से भर्तियां ही नहीं हुई है जिस वजह से शिक्षकों के ढेर सारे पद रिक्त हैं।

उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों में ऐसे ही ढेर सारे शिक्षकों के पद रिक्त हैं। राज्य में शिक्षा मंत्रालय से जब सवाल पूछा गया तो उसके जवाब में यह जानकारी प्राप्त हुई कि शैक्षिक वर्ष 2022-23 में ही मात्र कक्षा 1 से 8 तक 126028 पद खाली हैं। बिहार के बाद अगर बात कर लिया जाए तो यूपी का दूसरा नंबर आता है। उत्तर प्रदेश में 579622 शिक्षकों के स्वीकृत पद हैं और 453594 पदों पर शिक्षकों की भर्ती हो चुकी है। 126028 पद अभी भी वर्तमान में खाली पड़े हुए हैं। वर्ष 2020 से 21 तक आंकड़ा खाली पदों का 194998 था लेकिन वर्ष 2022-23 में खाली पदों की संख्या 126028 है।

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एक लाख 26 हजार से अधिक बेसिक शिक्षकों के पद खाली होने के बावजूद सरकार कह रही है कि शिक्षकों की कमी नहीं है यह कैसी विडंबना है कि सरकार एक ओर आरटीई मानक का ढोल बजाती है और दूसरी ओर लाखों रिक्त पद होने के बावजूद सरकार कह रही है कि शिक्षकों की कमी नहीं है। अब रिक्त पदों का खुलासा होने के बाद बेरोजगार युवक सरकार को चारों ओर से घेरने का प्लान बना रहे हैं।

 

anas quraishi
Author: anas quraishi

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