कानपुर देहातउत्तरप्रदेशफ्रेश न्यूज

यूपी 112 वाहनों का औचक निरीक्षण, पुलिस कर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश

यूपी 112 पुलिस सेवा की दक्षता सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से औचक निरीक्षण किए जाते रहते हैं।

मोहित बाथम, कानपुर देहात: यूपी 112 पुलिस सेवा की दक्षता सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से औचक निरीक्षण किए जाते रहते हैं। इसी क्रम में, शुक्रवार को प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र कुमार मिश्र ने जिले के रूरा, डेरापुर, डिलवल और मंगलपुर क्षेत्रों में तैनात पीआरवी वाहनों का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान, प्रभारी निरीक्षक ने चार पहिया और बाइक पर तैनात पुलिस कर्मियों से बातचीत की और सूचना रजिस्टर की जांच की। उन्होंने पुलिस कर्मियों को निर्देशित किया कि उन्हें किसी भी आपातकालीन सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए घटनास्थल पर पहुंचना चाहिए और पीड़ितों को तत्काल सहायता प्रदान करनी चाहिए। साथ ही, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए संबंधित थाने से संपर्क करने को कहा गया।

IMG 20241004 WA0028 scaled

क्यों किया जाता है औचक निरीक्षण?

यूपी 112 जैसी इमरजेंसी सेवाओं का उद्देश्य जनता को तत्काल सहायता प्रदान करना है। औचक निरीक्षणों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि:

  •   तत्परता: पुलिसकर्मी किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहें।
  •   दक्षता: पुलिसकर्मी कुशलतापूर्वक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।
  •  जवाबदेही: पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों के प्रति जवाबदेह हों।
  •  संचार: पुलिसकर्मी और कंट्रोल रूम के बीच प्रभावी संचार बना रहे।
  •  वाहन की स्थिति: पीआरवी वाहन अच्छी स्थिति में हों और किसी भी समय इस्तेमाल के लिए तैयार रहें।

प्रभारी निरीक्षक का बयान

प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि इस तरह के औचक निरीक्षणों का उद्देश्य जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करना और कानून व्यवस्था को बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए और किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

AMAN YATRA
Author: AMAN YATRA

SABSE PAHLE


Discover more from अमन यात्रा

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Related Articles

AD
Back to top button

Discover more from अमन यात्रा

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading