मिली जानकारी के अनुसार, यूपी गेट पर रविवार को प्रदर्शनकारियों की संख्या काफी कम है। प्रदर्शनकारियों को कोई दिक्कत न हो इसके लिए उनकी सुविधाओं का भी ख्याल रखा जा रहा है। दरअसल, किसानों को गन्ने का जूस काफी लोकप्रिय है। इसलिए अब यहां पर कोल्हू लगाकर गन्ने का जूस देने का भी काम शुरू कर दिया गया है।
इससे पहले राकेश टिकैत ने शनिवार को कहा कि सरकार सोच रही है कि अप्रैल-मई की गर्मी में आंदोलन समाप्त हो जाएगा, लेकिन ऐसा कतई नहीं है। गर्मी से बचने की तैयारी की जा रही है। यहां एसी, कूलर और मच्छरदानी लगाई जाएगी। छप्पर लगाए जाएंगे। गर्मी की वजह से किसान वापस नहीं लौटेंगे।
राकेश टिकैत ने बताया कि फ्लाइट लेट होने और कोरोना के नियमों के कारण शनिवार को महाराष्ट्र के कार्यक्रम में वह नहीं जा सके। उन्होंने बिजनौर में एक किसान द्वारा खड़ी फसल जोतने को सही नहीं ठहराया है। उन्होंने कहा कि फसल को नुकसान नहीं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से वार्ता के लिए कोई बुलावा नहीं आया है।
होंगे वैवाहिक कार्यक्रम
भाकियू के मीडिया प्रभारी धर्मेद्र मलिक ने बताया कि एक व्यक्ति ने दो मार्च को यहां सगाई समारोह करने की इच्छा जाहिर की गई है। पहले भी यहां लोग जन्मदिन मना चुके हैं। लोग यहां वैवाहिक कार्यक्रम करेंगे, तो खर्च बचेगा। वर और वधू पक्ष की ओर से 51 हजार रुपये सेना के रिलीफ फंड में दिया जाएगा।
नई दिल्ली/ गाजियाबाद,अमन यात्रा । कृषि कानूनों के विरोध में 28 नवंबर से यूपी गेट पर चल रहा धरना प्रदर्शन रविवार को भी जारी है। प्रदर्शनकारियों ने अब यहां कोल्हू लगा दिया है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने गन्ने से रस निकाल कर कोल्हू की शुरुआत की। यहां पर एक ट्राली गन्ना आया है। गन्ने का रस प्रदर्शनकारियों को पिलाया जाएगा। वहीं प्रदर्शनकारियों की तरफ से अहमदाबाद से लाए गए चरखे पर राकेश टिकैत ने सूत काता।