लखनऊ की टीम ने स्कूलों का निरीक्षण कर देखी व्यवस्थाएं, निपुण लक्ष्य पर रहा फोकस
लखनऊ से पहुंची टीम ने सरवनखेड़ा विकासखंड के स्कूलों का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं को देखा, प्रधानाध्यापकों को कमियां दूर करने के निर्देश दिए। साथ ही जो स्कूल पैरामीटर्स पर सही पाए गए उनकी सराहना भी की।

राजेश कटियार, कानपुर देहात। लखनऊ से पहुंची टीम ने सरवनखेड़ा विकासखंड के स्कूलों का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं को देखा, प्रधानाध्यापकों को कमियां दूर करने के निर्देश दिए। साथ ही जो स्कूल पैरामीटर्स पर सही पाए गए उनकी सराहना भी की।
विकासखंड सरवनखेड़ा में गुरुवार को राज्य परियोजना कार्यालय से आई टेक्निकल टीम की सदस्या आशना शुक्ला ने दो विद्यालयों का निरीक्षण किया। विद्यालय के स्टाफ एवं जनसमुदाय से मिलकर बच्चों को नियमित विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने निपुण विद्यालय प्राथमिक विद्यालय महादेव कुटी में शिक्षामित्र संगीता साहू से निपुण लक्ष्य ऐप का प्रयोग बच्चों के लर्निंग लेवल को बढ़ाने में कितना उपयोगी है और वे कब बच्चों का आकलन ऐप से करती हैं के सम्बन्ध में पूछा। इस ऐप के प्रयोग में क्या-क्या टेक्निकल समस्या होती है इसकी जानकारी भी चाही। कक्षा तीन के बच्चे से पठन अभ्यास के पैराग्राफ को पढ़वाया जिसको बच्चे ने सही पढ दिया। कक्षा 1 में बच्चों ने अंग्रेजी में फ्रूट्स नेम एंड एनिमल्स नेम स्पेलिंग सहित सुनाएं।
कक्षा 4 में प्रीति वर्मा से निपुण तालिका को किस प्रकार से भरा जा रहा इस पर चर्चा की और जो बच्चे लर्निंग आउटकम प्राप्त नहीं कर पा रहे उसके लिए क्या किया जा रहा है पूछा। प्रीति वर्मा ने बताया कि जो बच्चे कक्षा में पिछड़ जा रहे हैं उनको मैं और स्टाफ अतिरिक्त समय देकर बच्चों को सिखाने का कार्य करते हैं जब बच्चे निपुण तालिका की दक्षता प्राप्त कर लेता है तब उस बच्चे के नाम के कालम में तिथि का अंकन करते हैं। प्रधानाध्यापिका अन्नू सचान से पूछा कि आपने विद्यालय को किस प्रकार से निपुण विद्यालय बनाया।
प्रधानाध्यापिका ने बताया की मेरे स्टाफ के मध्य आपसी समन्वय बहुत अच्छा है साथ ही हम लोग अभिभावकों से हमेशा सम्पर्क में रहते हैं यदि कोई बच्चा विद्यालय नहीं आया तो स्टाफ बच्चे के घर जाकर बच्चे के ना आने का कारण जानते हैं। विद्यालय में कुल पंजीकृत 41 के सापेक्ष 41 बच्चे उपस्थित मिले। बच्चों की गुणवत्ता टीम को सही मिली। उसके बाद उन्होंने प्राथमिक विद्यालय निनायां द्वितीय का विजिट किया जहां पर कार्यरत 3 शिक्षको में 1 शिक्षिका सोनिका सिंह ही उपस्थित मिली। प्रधानाध्यापिका प्रतिभा कटियार सीसीएल अवकाश पर एवं मीनाक्षी पासी की ड्यूटी बोर्ड परीक्षा में लगी मिली।
आशना शुक्ला ने कक्षा एक की छात्रा से बगैर मात्रा वाला शब्द पढ़ने के लिए कहा छात्रा शब्द को नहीं पढ पाई। उन्होंने शिक्षिका से बच्चों की गुणवत्ता में कमी के सम्बन्ध में कारण जानने का प्रयास किया। इसके बाद उन्होंने जिले में डीटीएफ बैठक में प्रतिभाग किया। उसके बाद निपुण विद्यालयों के सम्बन्ध में मुख्य विकास अधिकारी लक्ष्मी एन एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रिद्धी पाण्डेय के साथ बैठक की।विकासखण्ड सरवनखेड़ा में संचालित एफएलएन प्रशिक्षण की गुणवत्ता को भी परखा। दोनों सभागार में पीपीटी के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा था साथ ही सभी एआरपी उपस्थित मिले। ब्लाक को निपुण बनाने के सम्बन्ध में खण्ड शिक्षा अधिकारी अजीत प्रताप सिंह ने एआरपी के साथ क्या योजना तैयार की इस पर चर्चा की और उन्होंने सुझाव दिया की विद्यालय में बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने के लिए शिक्षकों को समुदाय के साथ जोड़ने का प्रयास करना होगा। निरीक्षण टीम के साथ एआरपी संजय शुक्ला रहे।
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