राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए ऑनलाइन आवेदन 15 जून से शुरू, विस्तृत दिशा-निर्देश हुए जारी
परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के लिए राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए ऑनलाइन आवेदन 15 जून से शुरू होंगे। विभाग ने इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग के अनुसार राज्य अध्यापक पुरस्कार 2023 के लिए बेसिक के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों, उच्च प्राथमिक, अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल में कार्यरत शिक्षकों के चयन के लिए प्रेरणा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन होंगे। आवेदन 15 जून से 10 जुलाई तक होंगे। प्रत्येक जिले की जिला चयन समिति दो-दो श्रेष्ठ शिक्षकों का चयन करेगी फिर राज्य स्तरीय चयन समिति इसमें से एक सर्वश्रेष्ठ शिक्षक को पुरस्कार के लिए चयनित करेगी

कानपुर देहात। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के लिए राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए ऑनलाइन आवेदन 15 जून से शुरू होंगे। विभाग ने इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग के अनुसार राज्य अध्यापक पुरस्कार 2023 के लिए बेसिक के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों, उच्च प्राथमिक, अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल में कार्यरत शिक्षकों के चयन के लिए प्रेरणा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन होंगे। आवेदन 15 जून से 10 जुलाई तक होंगे। प्रत्येक जिले की जिला चयन समिति दो-दो श्रेष्ठ शिक्षकों का चयन करेगी फिर राज्य स्तरीय चयन समिति इसमें से एक सर्वश्रेष्ठ शिक्षक को पुरस्कार के लिए चयनित करेगी। बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल की ओर से बुधवार को इससे संबंधित विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी गई है। हर शिक्षक का मूल्यांकन 100 अंकों में किया जाएगा। आवेदन करने वाले शिक्षकों का सत्यापन व मूल्यांकन कर दो-दो शिक्षकों को प्रत्येक जिले में चयनित करने की प्रक्रिया 15 जुलाई से लेकर 25 जुलाई तक चलेगी फिर 26 जुलाई से लेकर 10 अगस्त तक राज्य स्तरीय चयन समिति इसमें से एक-एक सर्वश्रेष्ठ शिक्षक को पुरस्कार के लिए चयनित करेगी।
ऐसे नियमित शिक्षक जिन्होंने कम से कम 15 वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो वह आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए शिक्षक की सेवानिवृत्त होने की अवधि पांच वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। वह शिक्षक पात्र नहीं होंगे जिनके यहां छात्र नामांकन प्राथमिक में 150 से कम, उच्च प्राथमिक में 105 से कम और कंपोजिट विद्यालय में 255 से कम होगा। संविदा शिक्षक व शिक्षामित्र इसके लिए अर्ह नहीं हैं। ऐसे शिक्षक जो पहले राज्य या राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं वह भी आवेदन नहीं कर सकेंगे। आवेदन करने वाले शिक्षकों के वर्तमान विद्यालय व पूर्व विद्यालय में पिछले 15 वर्षों में क्या छात्र संख्या रही है इसे भी देखा जाएगा। शिक्षक की स्थानीय छवि अच्छी होनी चाहिए और उसकी सेवा उत्कृष्ट श्रेणी की होनी चाहिए। जनपद स्तर पर चयन समिति जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य और राज्य चयन समिति महानिदेशक स्कूल शिक्षा की अध्यक्षता में गठित होगी। कुल 100 अंकों में मूल्यांकन होगा। 40 अंक वस्तुनिष्ठ मानकों के, 40 अंक प्रदर्शन आधारित मानकों के और 20 अंक प्रस्ततीकरण के होंगे।
इन मानकों की कसौटी पर कसे जाएंगे शिक्षक-
15 वर्षों में छात्र संख्या में बढ़ोतरी हुई है तो 10 अंक मिलेंगे। तीन वर्षों में नामांकन में कमी किंतु प्रथम मूल्यांकन वर्ष से वृद्धि रहने पर पांच अंक दिए जाएंगे। सक्षम स्तर से स्वीकृत अवकाश के अतिरिक्त शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित हो रहा है तो पांच अंक, कक्षा में छात्रों की उपस्थति 90 प्रतिशत से अधिक होने पर 10 अंक, 80 प्रतिशत तक होने पर पांच व 75 प्रतिशत तक होने पर तीन अंक मिलेंगे। दीक्षा पोर्टल पर मिले प्रशिक्षण का 90 प्रतिशत से ऊपर उपयोग कक्षा में करने पर 10 अंक, 80 प्रतिशत करने पर पांच और 50 प्रतिशत तक करने पर तीन अंक मिलेंगे।
अगर कक्षा में 50 प्रतिशत से ज्यादा छात्र 90 प्रतिशत से अधिक अंक पाते हैं तो पांच अंक, अगर 50 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थी 80 प्रतिशत अंक पाते हैं तो तीन अंक और 70 प्रतिशत तक पाने पर दो अंक मिलेंगे। अभिनव प्रयोगों, निपुण भारत लक्ष्य, खेल में स्कूल के छात्रों के अच्छे प्रदर्शन पर पांच-पांच अंक मिलेंगे। शत प्रतिशत पाठ्यक्रम पूरा पढ़ाने पर पांच अंक और 90 प्रतिशत तक पढ़ाने पर तीन अंक, अन्य उपलब्धियों के लिए पांच अंक, विद्यालय रजिस्टर के पांच अंक होंगे। वहीं चयन समिति के सामने व्यक्तिगत प्रस्तुतीकरण के 20 अंक होंगे।
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