
शहाबगंज: 15.30 लाख की लागत से भी नहीं सुधरी अमृतसरोवर तालाब की सेहत
ग्राम प्रधान ने जमकर मचाया भ्रष्टाचार, डीएम साहब ने का होगी तत्काल कार्रवाई
ग्रामीणों ने कहा गांव में तामाम प्रकार का हुआ है भ्रष्टाचार,
डीएम साहब ने कहा होगी जांच
चंदौली। शहाबगंज विकास खंड अंतर्गत शाहपुर ग्राम पंचायत के राजस्व गांव उसरी में काली जी मंदिर के पास मनरेगा के तहत अमृतसर सरोवर योजना अंतर्गत तालाब का निर्माण कुल 15.30 लाख की लागत से कराया गया। लेकिन अमृत सरोवर आज भी अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। तालाब के चारों तरफ झाड़ झंकार व तालाब के बीच में जलकुंभी पूरी तरह जकड़ कर अपनी ही सुंदरता बढ़ा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा अमृत सरोवर योजना के तहत तालाब निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार किया गया है। ग्राम प्रधान द्वारा विकास कार्य में लाखों रुपए का गमन कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसकी शिकायत ग्रामीण कई बार तहसील और ब्लॉक प्रशासन से कियें, लेकिन अभी तक जांच नहीं हुई। मीडिया ने इस संबंध में जब जिलाधिकारी निखिल टी. फुंडे से बात किया तो जिलाधिकारी ने कहा कि मामले की जांच कराकर तत्काल कार्रवाई कराई जाएगी।
बतादें कि शहाबगंज विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत शाहपुर के राजस्व गांव उसरी में काली जी मंदिर के पास मनरेगा के तहत अमृतसर योजना के अंतर्गत तालाब का निर्माण कुल 15.30 लाख की लागत से कराया गया। जो पूरी तरह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है। सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर धन खर्च करने के बाद भी अमृत सरोवर आज भी अपनी दुर्दशा पर आंसू बहाने को मजबूर है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान ने जमकर भ्रष्टाचार मचाते हुए लाखों रुपए का गमन कर चुका है। इसकी शिकायत पूर्व में ग्रामीण ब्लॉक व तहसील में अधिकारियों से लिखित शिकायत किए, लेकिन इन ग्रामीणों की कहीं भी नहीं चली। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि यदि ग्रामीण शिकायत करते हैं भी है तो ग्राम प्रधान राजनीतिक दबाव डलवाते हुए मामले को रफा दफा करवा देता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि अमृतसरोवर के अलावा नाली,सड़क, सीसी रोड़, शौचालय, मनरेगा सहित अन्य विकास कार्यों में ग्राम प्रधान ने जमकर भ्रष्टाचार किया है। भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका अमृत सरोवर आज भी पूरी तरह झाड़ झंकार से पटा पड़ा है। तालाब के चारों तरफ झाड़ झंकार व जलकुंभी अपनी सुंदरता को बढ़ा रही हैं।
अमृत सरोवर पर प्रशासन द्वारा यह की गई हैं व्यवस्थाएं
शासन द्वारा अमृत सरोवर योजना के तहत तालाबों का सुंदरीकरण कराने के लिए लाखों-लाखों रुपए में धन मनरेगा के तहत निर्गत कराया गया। शासन का आदेश और निर्देश है कि अमृत सरोवर के चारों तरफ सीसी निर्माण, चबूतरा, स्ट्रीट लाइट, चारों तरफ पक्के घाट व चमचमाता तालाब बेहतर तरीके से दिखना चाहिए। लेकिन यहां तो पूरी तरह मामला घाल मेल दिख रहा है।
वर्जन-
जिलाधिकारी निखिल टी. फुंडे ने बताया कि मामले की जांच कराकर ग्राम प्रधान व संबंधित अधिकारियों पर करवाई आवश्यक रूप से की जाएगी।
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