कानपुर
सचेंडी हादसे में सामने आया एक और सच, ठेकेदार लेता था हर माह किराया
सचेंडी हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों को ठेकेदार की मर्जी पर चलना पड़ता था। ठेकेदार ही मजदूरों के बैंक में खाते खुलवाता था और पासबुक अपने पास रखता था। इन खातों में कंपनी की ओर से आने वाली रकम में से अपना कमीशन व किराया काटकर वह बाकी रकम मजदूरों को देता था
