समस्त भारतीय वांग्मय योग रुपी प्राचीन विद्या से परिपूर्ण हैं : प्रो वर्णवाल
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के स्कूल आफ हेल्थ साइंसेज में ऑनलाइन माध्यम से आयोजित साप्ताहिक व्याख्यान श्रृंखला के पंचम व्याख्यान में प्रो सुरेश लाल वर्णवाल ने बताया कि समस्त भारतीय वांग्मय योग रूपी प्राचीन विद्या से परिपूर्ण हैं ।
अमन यात्रा,कानपुर : छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के स्कूल आफ हेल्थ साइंसेज में ऑनलाइन माध्यम से आयोजित साप्ताहिक व्याख्यान श्रृंखला के पंचम व्याख्यान में प्रो सुरेश लाल वर्णवाल ने बताया कि समस्त भारतीय वांग्मय योग रूपी प्राचीन विद्या से परिपूर्ण हैं । समस्त वैदिक दर्शन, उपनिषद आदि योग को महिमामंडित करते हैं। देव संस्कृति विश्वविद्यालय के योग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. वर्णवाल शनिवार को कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता प्रतिभागियों को सम्बोधित कर रहे थे। ‘योगसूत्र का संक्षिप्त परिचय और इसमें वर्णित विविध योगाभ्यास ‘ विषय पर अपने विचार रखते हुए उन्होने कहा कि “योगसूत्र” जो कि महर्षि पतंजलि द्वारा प्रतिपादित है, योग का आधारभूत ग्रंथ है।
इसका प्रारंभ ’’अथ योगानुषासनम्’’ अर्थात योग को अनुशासन के रूप में स्थापित करते हुए हुआ है। महर्षि पतंजलि ने ’’चित्त की वृत्तियों के निरोध को योग कहा है’’ और इस चित्तवृत्ति निरोध को सुव्यवस्थित रूप से समझाने के लिए योग सूत्र को समाधि, साधन, विभूति और कैवल्य पादों में विभक्त किया है, जिनमें क्रमशः 51, 55, 55 और 34 सूत्रों का उल्लेख किया गया है। इस प्रकार योगसूत्र 4 पादों अर्थात अध्यायों में बटा हुआ है। जिसमें कुल 195 सूत्र प्रतिपादित हुए हैं। उन्होंने वि.वि. के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की प्रंशसा करते हुए भारतीय संस्कृति की विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए उनके द्वारा किये गए कार्यों की सराहना भी की। स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज के निदेशक डॉ. दिग्विजय शर्मा ने व्याख्यान श्रृंखला के लिए सभी का आभार जताया। उन्होंने कहा की यह व्याख्यान श्रृंखला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2022 के उपलक्ष्य में आयोजित हो रही है।
अप्रैल, मई और जून तीनों महीने में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर डॉ. राम किशोर ने स्कूल आफ हेल्थ साइंसेज में संचालित योग के पाठ्यक्रमों के सन्दर्भ में बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में संस्थान में योग के 2 कोर्स बी.एस.सी इन योग और एम.एस.सी इन योग संचालित है। इन कोर्सो में प्रवेश की प्रक्रिया हेतु शीघ्र ही प्रकिया शुरु की जाएगी।