तबादला चाहने वाले शिक्षकों को झटका
शिक्षकों के जिले के अंदर तबादलों में अभी कितना समय लगेगा कहा नहीं जा सकता क्योंकि 68500 शिक्षक भर्ती से आए 66 शिक्षकों को विद्यालय आवंटित किया जाएगा उसके बाद रिक्त पदों का डाटा एकत्र किया जाएगा तत्पश्चात प्रदेश स्तर से स्थानांतरण हेतु मुख्यमंत्री से अनुमति ली जाएगी।

- सीएम की अनुमति के बिना नहीं हो सकेंगे तबादले
कानपुर देहात,अमन यात्रा : शिक्षकों के जिले के अंदर तबादलों में अभी कितना समय लगेगा कहा नहीं जा सकता क्योंकि 68500 शिक्षक भर्ती से आए 66 शिक्षकों को विद्यालय आवंटित किया जाएगा उसके बाद रिक्त पदों का डाटा एकत्र किया जाएगा तत्पश्चात प्रदेश स्तर से स्थानांतरण हेतु मुख्यमंत्री से अनुमति ली जाएगी। अनुमति मिलने के उपरांत ही आवेदन लिए जाएंगे इतनी प्रक्रिया में 1 साल लग जाएगा। बता दें सरकार ने तबादले के नाम पर होने वाले खेल पर रोक लगा दी है। स्थानांतरण सत्र के बाद अनुचर से लेकर अफसरों तक के तबादले मुख्यमंत्री की अनुमति पर किए जा सकेंगे। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने मंगलवार को कार्मिक विभाग ने शासनादेश जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि 15 जून को सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले को लेकर नीति जारी की गई थी। इसमें विभागाध्यक्षों को मंत्री की अनुमति से 30 जून तक तबादले का अधिकार दिया गया था।
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यह समय सीमा समाप्त हो गई है। स्थानांतरण सत्र समाप्त होने के बाद समूह ‘क’, ‘ख’, ‘ग’ व ‘घ’ के कार्मिकों के सभी प्रकार के स्थानांतरण के लिए मुख्यमंत्री से अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा। इस आदेश का कड़ाई से पालन किया जाएगा। इसके पहले स्थानांतरण सत्र समाप्त होने के बाद समूह ‘क’ व ‘ख’ के अफसरों के तबादले की अनुमति मुख्यमंत्री से लेनी पड़ती थी। नई व्यवस्था में सभी श्रेणी के कर्मियों के लिए अब अनुमति लेनी होगी। माना जा रहा है यह फैसला स्थानांतरण सत्र के दौरान हुई धांधली के बाद लिया गया है। नई व्यवस्था में तबादले को लेकर होने वाली मनमानी खत्म हो जाएगी। मुख्यमंत्री की अनुमति के बिना कोई भी तबादले नहीं हो सकेंगे।
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