होली भाई दूज : बहनें लगाती हैं भाई को टीका, बेहतर जीवन की करती हैं कामना
होली भाई दूज में बहन भाई के माथे पर सौभाग्य का तिलक लगाकर उसके निष्कंटक जीवन की कामना करती है. यह भाई बहन के आपसी प्रेम का त्यौहार है.

इसके बाद वह आगे बढ़ा, जहां उसे एक शेर मिला. बुढ़िया के बेटे ने शेर से भी यही कहा. इसके बाद उसे एक सांप मिला, उसने सांप से भी यही कहा. जिसके बाद वह अपनी बहन के घर पहुंचा. उस समय उसकी बहन सूत कात रही थी. लड़का जब तिलक करा रहा था तो वह दुखी था. बहन ने इसका कारण पूछा. उसने बहन से अपने दुख का कारण बता दिया.
समस्या का समाधान
लड़के की बहन ने भाई को रुकने का कहा और खुद पास के तालाब गई. जहां एक बुढि़या थी. उससे उसने भाई की समस्या का समाधान पूछा. बुढ़िया ने बताया कि यह तेरे ही पिछले जन्मों का कर्म है, जो तेरे भाई को भुगतना पड़ रहा है. अगर तू अपने भाई को बचाना चाहती है तो उसकी शादी होने तक उसकी सहायता करोगी, तो तुम्हारा भाई बच सकता है.
बहन ने कहा कि भाई रुक मैं तुझे छोड़ने घर चलूंगी. बहन ने अपने साथ मांस, दूध और ओढ़नी साथ रख ली. दोनों आगे रास्ते पर वापस चले उन्हें पहले शेर मिला. बहन ने शेर के आगे मांस डाल दिया. वह खाने में मस्त हो गया. उसके बाद वे आगे बढ़े उन्हें रास्ते में सांप मिला. बहन ने सांप के आगे दूध रख दिया. सांप भी दूध पीकर खुश हो गया.
रास्ते में अंत में नदी मिली. बहन ने पूरी श्रद्धा से नदी को चुनरी उढ़ा कर नमन किया. नदी भी बहन के इस व्यवहार से खुश हो गई. इस तरह बहन ने भाई की जान बचा ली. कहा जाता है कि होली भाई दूज के दिन बहन से तिलक करवाने पर भाई की जीवन निष्कंटक (बिना बाधा के) होता है.
Discover more from अमन यात्रा
Subscribe to get the latest posts sent to your email.