01 अप्रैल 2005 के पश्चात नियुक्त सभी शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का कटेगा एनपीएस
सरकार ने अभी तक प्रदेश के सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के अधिकांश शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के वेतन से नई पेंशन योजना (एनपीएस) के लिए कटौती शुरू नहीं की है जबकि 15 साल पहले इसे पेश किया गया था।

कानपुर देहात,अमन यात्रा : सरकार ने अभी तक प्रदेश के सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के अधिकांश शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के वेतन से नई पेंशन योजना (एनपीएस) के लिए कटौती शुरू नहीं की है जबकि 15 साल पहले इसे पेश किया गया था। वर्तमान में बेसिक शिक्षा परिषद ने एक अप्रैल 2005 या उसके बाद नियुक्त शिक्षकों के वेतन में से न्यू पेंशन स्कीम के तहत कटौती अनिवार्य कर दी है। ऐसा न करने वाले जिला वित्त एवं लेखाधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की चेतावनी भी दी गई है। प्रदेश में एक अप्रैल 2005 या उसके बाद नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ नहीं मिलता है इसलिए उन्हें न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) के तहत लाने का फैसला किया गया है। यह योजना अप्रैल 2016 से लागू होनी थी लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते अभी तक पूर्णरूपेण लागू नहीं हो सकी है। कई शिक्षकों को प्रान नंबर एलॉट हो जाने के बाद भी उनके वेतन से एनपीएस की कटौती नहीं की जा रही है। अभी तक कई ऐसे शिक्षक भी हैं जिन्होंने एनपीएस के लिए आवेदन ही नहीं किया है। हालांकि इस स्थिति ने अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त कई शिक्षकों को मुश्किल में डाल दिया है जहां वर्षों की सेवा करने और एनपीएस के लिए पात्र होने के बावजूद उन्हें कोई पेंशन नहीं मिल रही है। कुछ शिक्षकों का कहना है कि वेतन से पेंशन अंशदान की कटौती के लिए एक सरकारी आदेश मई 2016 में जारी किया गया था तब हम लोगों ने एनपीएस का फॉर्म भरकर के बीआरसी में जमा किया था लेकिन अभी तक उन्हें प्रान नंबर आवंटित नहीं किया गया है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी रिद्धी पाण्डेय का कहना है कि जिनके प्रान आवंटन हो चुके हैं उनकी कटौती शुरू होगी एवं जिन्हें आवंटन नहीं हुआ है उन्हें फार्म भराकर आवंटन कराया जायेगा। नवीन आदेश के तहत कार्यवाही की जायेगी।
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