पुखरायां मंडी समिति का तोहफा: किसानों के लिए 10 हैंडपंप चमके, पेयजल संकट पर लगाम
मंडी समिति पुखरायां ने किसानों को गर्मी की तपिश से राहत देने के लिए शानदार कदम उठाया। 24 मार्च 2025 को मंडी परिसर के सभी 10 खराब हैंडपंपों की मरम्मत पूरी कर ली गई।

- गर्मी से पहले बड़ी पहल, मंडी सचिव ने कराया खराब हैंडपंपों का कायाकल्प
कानपुर देहात: मंडी समिति पुखरायां ने किसानों को गर्मी की तपिश से राहत देने के लिए शानदार कदम उठाया। 24 मार्च 2025 को मंडी परिसर के सभी 10 खराब हैंडपंपों की मरम्मत पूरी कर ली गई। मंडी समिति के सचिव के नेतृत्व में शुरू हुई इस मुहिम ने आगामी ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त कर दिया। अब मंडी में आने वाले हर किसान को स्वच्छ पानी की सुविधा बिना किसी रुकावट के मिलेगी, जिससे उनकी मुश्किलें आसान हो गई हैं।
“पानी की एक बूंद भी न जाए बेकार,” सचिव का संकल्प बना हकीकत
मंडी समिति के सचिव ने गर्मियों में बढ़ने वाली पेयजल की मांग को ध्यान में रखकर यह कदम उठाया। उनका कहना था, “मंडी में रोज सैकड़ों किसान आते हैं। गर्मी में पानी की कमी उनकी मेहनत पर भारी पड़ सकती थी। इसलिए सभी हैंडपंपों को ठीक करवाया गया ताकि एक बूंद भी बेकार न जाए।” मरम्मत के बाद सभी 10 हैंडपंप पूरी तरह चालू हो गए हैं, जो अब किसानों की प्यास बुझाने के लिए तैयार हैं।
किसानों के चेहरों पर मुस्कान, मंडी में बह रही राहत की बयार
इस पहल से मंडी में आने वाले किसानों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई है। एक किसान ने भावुक होकर कहा, “पिछली गर्मियों में पानी के लिए तरसना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। मंडी समिति ने हमारा ख्याल रखा।” हैंडपंपों की मरम्मत ने न सिर्फ पेयजल संकट को दूर किया, बल्कि मंडी प्रशासन के प्रति किसानों का भरोसा भी मजबूत किया। यह कदम गर्मी के दिनों में बड़ी राहत का सबब बन गया है।
हर मौसम में किसानों का साथी बनेगा मंडी परिसर
मंडी समिति के सचिव ने इस मरम्मत को किसानों के प्रति अपनी जिम्मेदारी का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा, “किसान हमारी प्राथमिकता हैं। गर्मी हो या सर्दी, उनकी हर छोटी जरूरत का ध्यान रखना हमारा फर्ज है।” मरम्मत के बाद हैंडपंपों की टेस्टिंग भी की गई, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि व्यवस्था में कोई खामी न रहे। अब मंडी परिसर हर मौसम में किसानों के लिए सुविधाजनक और भरोसेमंद बन गया है।
पुखरायां ने दिखाई राह, मंडियों के लिए बना प्रेरणा का स्रोत
पुखरायां मंडी समिति की यह पहल न सिर्फ स्थानीय किसानों के लिए वरदान साबित हुई, बल्कि पूरे क्षेत्र की मंडियों के लिए एक मिसाल भी कायम कर गई। समय से पहले उठाया गया यह कदम गर्मी में पेयजल संकट से निपटने की मजबूत तैयारी को दर्शाता है। मंडी समिति ने साबित कर दिया कि छोटे लेकिन सोचे-समझे प्रयासों से बड़ी राहत दी जा सकती है। यह कहानी अब दूसरों को भी प्रेरित करने के लिए तैयार है।
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