पाल सरैनी पुल से 3 सौ टन गाटर लोहा रातों-रात चिंदी चोर ले उड़े
लम्बे समय से निमार्णाधीन पुल पाल सरैनी खूजा रामपुर कई वर्ष बीत जाने के बाद भी पूर्ण नही हो सका लेकिन उप्र राज्य सेतु निगम निमार्ण ईकाई उरई के अधिकारी व कमर्चारियों की बल्ले -बल्ले है वंहा पर पड़ा लोहा कबाड़ में बेच कर लाखों रुपया का गवन करके डकार गये है इतना ही नही सविर्स रोड कागजों में दिखा कर लाखों रुपया गोल-माल करके बंदर बांट कर लिया है.

- सर्विस रोड़ कागजो में धरातल में कोई कार्य नही
- परियोजना प्रबंधक बांके लाल बोले लोहा चोरी मामले में मुझे कोई जानकारी नही
कालपी (जालौन)। लम्बे समय से निमार्णाधीन पुल पाल सरैनी खूजा रामपुर कई वर्ष बीत जाने के बाद भी पूर्ण नही हो सका लेकिन उप्र राज्य सेतु निगम निमार्ण ईकाई उरई के अधिकारी व कमर्चारियों की बल्ले -बल्ले है वंहा पर पड़ा लोहा कबाड़ में बेच कर लाखों रुपया का गवन करके डकार गये है इतना ही नही सविर्स रोड कागजों में दिखा कर लाखों रुपया गोल-माल करके बंदर बांट कर लिया है. जिसमें उक्त विभाग के जेई प्रदीप सचान के अलावा लेखाकार देवेन्द्र कुमार व जिम्मेदार अधिकारी भी शामिल है। अगर कोई सक्षम अधिकारी स्थलीय निरीक्षण कर ले तो कागज में पड़े सविर्स रोड़ का नामो निशान नही मिलेगा।
इतना ही नही उक्त विभाग के जेई प्रदीप सचान ने अपने चहेते ठेकेदारों व अधिकारियों से सांठ-गांठ करके 30 टन लोहा कबाड़ में बेचने की अपेक्षा गाटर काटकर लगभग 250 टन लोहा कबाड़ में बेच दिया जिससे मिली रकम का बंदरवांट कर डकार ली जिसके प्रमाण ग्रामीणों के पास सुरक्षित है। सोचनीय बिन्दु यह है कि उक्त जेई किसकी सह पर इतना बड़ा घोटाला कर रहा है। उक्त कार्य में उक्त विभाग के लेखाकार का भी हाथ है यह आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। ग्रामणों ने बताया है कि रात में लगभग दस ट्रक लोहे की गाटर काटकर चंदी चोर ले गये है। उक्त शिकायत ग्रामीणों द्वारा व समाजसेवियों द्वारा उ0प्र0 के मुख्यमंत्री सहित शासन-प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों को प्रेषित की गई है।
जब इस संबंध में परियोजना प्रबंधक बांके लाल जी से बात हई तो उन्होने इस विषय में कोई जानकारी न होने की बात कही निमार्ण कार्य बंद पड़े होने की बात पूछी गयी तो उनका कहना है कि धनाभाव के कारण निमार्ण कार्य बाधित है। सेतु का पुनः पुनरीक्षित आगणन लागत रु० 5809.51 लाख सेतु अंश का महाप्रबंधक आगणन उप्र राज्य सेतु निगम लि0 लखनऊ के पत्रांक 1535 दिनांक 16.03.2021 द्वारा मुख्य अभियंता सेतु लोनिवि लखनऊ को प्रेषित है। उक्त धनराशि उपलब्ध होते ही कार्य गुणवक्ता युक्त प्रारम्भ करा दिया जायेंगा।
इनसेट-
2005 से लेखाकार पद पर है देवेन्द्र कुमार काबिज –
उ0प्र0 राज्य सेतु निगम लि0 निमार्ण इकाई उरई में 2005 से लेखाकार पद पर देवेन्द्र कुमार काविज है जो कई बार स्थानांतरण हुआ है लेकिन सांठ-गांठ करके उक्त महाश्य धन बल से अपना स्थानांतरण रुकवा लेता है जो करोड़ो रुपया का मालिक है।
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