कानपुर
कानपुर में चार दशक चली हत्या के मामले की सुनवाई , 38 साल की गवाही और फिर आरोपित बरी
अभियोजन पक्ष की लापरवाही का आरोपित को पूरा फायदा मिला। कोर्ट में साक्ष्य के अभाव में आरोपित को बरी कर दिया गया। पुलिस की चार्जशीट समेत कई दस्तावेज और गवाही से भी आरोपों को साबित नहीं कर सके।
