बालगोपाल कलाकारों के द्वारा श्रीकृष्ण जन्म लीला का सुंदर मंचन
विकासखंड के निगोही महौलिया स्थित दुर्वासा ऋषि आश्रम परिसर में शनिवार को श्रीमद्भागवत कथा के पश्चात रात्रि के समय में दूरदराज से आए कलाकारों के द्वारा रासलीला का सुंदर मंचन किया गया जिसमें बृंदावन से आए बालगोपाल कलाकारों के द्वारा श्रीकृष्ण जन्म लीला का सुंदर मंचन किया गया.

- कार्यक्रम का शुभारंभ वर्तमान जिला पंचायत सदस्य कुढ़वा सीमा संख्वार पत्नी डॉक्टर महेंद्र सिंह के द्वारा किया गया.
बरौर,ब्रजेन्द्र तिवारी । विकासखंड के निगोही महौलिया स्थित दुर्वासा ऋषि आश्रम परिसर में शनिवार को श्रीमद्भागवत कथा के पश्चात रात्रि के समय में दूरदराज से आए कलाकारों के द्वारा रासलीला का सुंदर मंचन किया गया जिसमें बृंदावन से आए बालगोपाल कलाकारों के द्वारा श्रीकृष्ण जन्म लीला का सुंदर मंचन किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ वर्तमान जिला पंचायत सदस्य कुढ़वा सीमा संखवार पत्नी डॉक्टर महेंद्र सिंह के द्वारा किया गया। वहीं कार्यक्रम में सुरक्षा की दृष्टिकोण से बरौर थाने के उपनिरीक्षक ब्रजकिशोर ने भी पुलिस फोर्स के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।बताते चलें कि विकासखंड के निगोही महोलिया स्थित दुर्वासा ऋषि आश्रम परिसर में बीते शुक्रवार से 7 दिवसीय विशाल विष्णु महायज्ञ एवं देव प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन किया जा रहा है जिसमें शनिवार को श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिवस के पश्चात रात्रि के समय में बृंदावन से आए बाल्गोपाल कलाकारों के द्वारा रासलीला का सुंदर मंचन किया गया.
कार्यक्रम का शुभारंभ वर्तमान जिला पंचायत सदस्य कुढ़वा सीमा संख्वार पत्नी डॉक्टर महेंद्र सिंह के द्वारा किया गया. द्वापर युग में भोजवंशी राजा उग्रसेन मथुरा में राज्य करता था उसके आतताई पुत्र कंस ने उसे गद्दी से उतार दिया और स्वयं मथुरा का राजा बन बैठा कंस की एक बहन देवकी थी जिसका विवाह वसुदेव नामक यदुवंशी सरदार से हुआ था एक समय कंस अपनी बहन देवकी को उसकी ससुराल पहुंचाने जा रहा था रास्ते में आकाशवाणी हुई हे कंस जिस देवकी को तू बड़े प्रेम से ले जा रहा है उसी के गर्भ से उत्पन्न आठवां बालक तेरा बध करेगा वसुदेव देवकी के एक एक कर सात बच्चे हुए और सातों को कंस ने मार डाला.
जब आठवां बच्चा होने वाला था कारागार में उन पर कड़े पहरे बैठा दिए गए उसी समय नन्द की पत्नी यशोदा को भी बच्चा पैदा होने वाला था जिस समय वसुदेव देवकी को एक पुत्र पैदा हुआ उसी समय संयोग से यशोदा के गर्भ से भी एक कन्या पैदा हुई जो और कुछ नहीं सिर्फ माया थी जिस कोठरी में देवकी वसुदेव कैद थे उसमें अचानक प्रकाश हुआ और उनके सामने शंख चक्र गदा धारण किए चतुर्भुज भगवान प्रगट हुए कार्यक्रम में बरौर थाने के उपनिरीक्षक ब्रजकिशोर भी पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे तथा वहां मौजूद लोगों को सुरक्षा का अहसास दिलाया वहीं बालगोपाल कलाकारों के द्वारा लीला का सुंदर मंचन देख वहां मौजूद भक्तगण भावविभोर हो गए। कृष्ण की भूमिका चंदन शर्मा ने निभाई राधा जी की भूमिका श्यामसुंदर ने वसुदेव की भूमिका राजेश कुमार ने देवकी की भूमिका योगेश कुमार ने तथा कंस की भूमिका हीरालाल शर्मा ने अदा की।
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