धूमधाम से मनाया गया गुरु पूर्णिमा का पर्व
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सुबह से ग्राम देवराहट स्थिति रामजानकी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली. , ब्रह्मलीन प्रभु गुरु श्री गोविंददास महाराज की प्रतिमा पर पूजन का क्रम दिन भर जारी रहा। इस मौके रामजानकी मंदिर के महंत श्री रामचरण दास महाराज जी के भक्तों ने चरण पखारे, पुष्प अर्पित किया और माल्यार्पण कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

पुखरायां,अमन यात्रा : गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सुबह से ग्राम देवराहट स्थिति रामजानकी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली. , ब्रह्मलीन प्रभु गुरु श्री गोविंददास महाराज की प्रतिमा पर पूजन का क्रम दिन भर जारी रहा। इस मौके रामजानकी मंदिर के महंत श्री रामचरण दास महाराज जी के भक्तों ने चरण पखारे, पुष्प अर्पित किया और माल्यार्पण कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। कहा जाता है कि ऋषियों ने हर साल की 12 पूर्णिमाओं में गुरु पूर्णिमा को सर्वश्रेष्ठ बताया है. गुरु की सेवा करने वाले शिष्य की सभी दिक्कतें दूर हो जाती हैं.
आपने कई बात ये स्लोक तो सुना ही होगा कि ’गुरु गोविन्द दोऊ खड़े काके लागू पाय, बलिहारी गुरु आप ने गोविन्द दियो बताए’. गुरु का स्थान इस पृथ्वी पर भगवान से भी ऊपर माना जाता है. गुरुओं की आराधना का ये पर्व अनादीकाल से चला आ रहा है. पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक ज़गत के पहले गुरु श्री श्री 1008 वेद व्यास जी थे, जिन्होंने चारों वेदों की रचना के साथ साथ महाभारत की रचना भी की थी. आज के ही दिन उनका इस धरती पर अवतरण हुआ था. इसलिए आज का दिन गुरुओं के प्रति समर्पित है। इस मौके पर राकेश कुमार श्रीवास्तव, रामप्रकाश श्रीवास्तव, रामकृपाल ठाकुर,अजय तिवारी, पुरन पाण्डेय, विवेक श्रीवास्तव, महेश श्रीवास्तव, शिवचरन सिंह ठाकुर,कल्लू पंडित,झुन्ना सिंह ठाकुर, हनुमान दास महाराज, रामसेवक प्रजापति,सयदीन प्रजापति, इन्द्र प्रकाश श्रीवास्तव, आदि लोगों उपस्थित रहे थे।
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