नवरात्रों में श्रद्धा के साथ पाएंगे सेहत जब ऐसे करेंगे व्रत
नवरात्रों में फास्टिंग हमारे यहां का कल्चर है. इस मौके पर जहां बहुत से लोग व्रत रखते हैं तो कुछ नॉनवेज या प्याज लहसुन खाना छोड़ देते हैं. खाने में संयम बरतना ये त्योहार सिखाता है.

फास्टिंग का सबसे बड़ा फायदा ये है कि इससे आपकी बॉडी डिटॉक्स होती है. जब आप कुछ खाते-पीते नहीं हैं या एक विशेष प्रकार का भोजन करते हैं जो हल्का होता है तो शरीर को डाइजेशन में ज्यादा एनर्जी खर्च नहीं करनी पड़ती और ये एनर्जी आपकी हीलिंग में इस्तेमाल होती है. रिर्सच से पता चला है कि फास्टिंग के जरिए बहुत सी बीमारियां खत्म की जा सकती हैं. सामान्य तरह की फास्टिंग के अलावा भी कुछ तरीके हैं जिनका इस्तेमाल आप कर सकते हैं.
वॉटर फास्टिंग –
इसे वॉटर फास्ट कहते हैं जिसके अंतर्गत आप केवल पानी का सेवन करते हैं. इससे आपकी बॉडी हाइड्रेट रहती है, टॉक्सिन्स रिलीज़ होते हैं और डाइजेशन में बॉडी को अतिरिक्त शक्ति नहीं लगानी पड़ती. जब भी भूख लगे पानी पिएं. आप पानी में नींबू और पुदीना, खीरा या जो भी चाहें मिलाकर अपना डिटॉक्स वॉटर भी बना सकते हैं.
कोकोनट वॉटर फास्टिंग –
वॉटर फास्ट के बाद बारी आती है कोकोनट वॉटर फास्ट की. नारियल गुणों से भरपूर होता है. इसमें बहुत से इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं जो बॉडी की फंक्शनिंग के लिए जरूरी होते हैं. आप चाहें तो कोकोनट वॉटर फास्ट भी रख सकते हैं जिसमें दिन में केवल नारियल पानी लें. एक दिन में चार से पांच नारियल पानी के ग्लास ले सकते हैं.
वेजिटेबल जूस फास्टिंग –
फास्ट रखने का एक और तरीका है जहां आप केवल सब्जियों के जूस का सेवन कर सकते हैं. सब्जियों का जूस बॉडी डिटॉक्स ड्रिंक के रूप में शानदार तरीके से काम करता है. अगर आपका मन न भरे तो इसका थोड़ा पल्प भी इस्तेमाल कर सकते हैं. आप खीरे से लेकर, लॉकी या चुकन्दर और गाजर तक किसी भी सब्जी का जूस ले सकते हैं.
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