अब बेसिक के बच्चे भी सीखेंगे वैज्ञानिक व इंजीनियर बनने का हुनर
बेसिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश के महानिदेशक विजय किरण आनंद के द्वारा प्राथमिक व जूनियर स्कूल के बच्चों की तार्किक क्षमता को बढ़ाने तथा अपने आसपास की वस्तुओं से गणित व विज्ञान के सिद्धांतों को स्पष्ट रूप से समझने के उद्देश्य से जनपद के प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालय के गणित एवं विज्ञान शिक्षकों को प्रशिक्षित किए जाने की तैयारी है।

पुखरायां , अमन यात्रा : बेसिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश के महानिदेशक विजय किरण आनंद के द्वारा प्राथमिक व जूनियर स्कूल के बच्चों की तार्किक क्षमता को बढ़ाने तथा अपने आसपास की वस्तुओं से गणित व विज्ञान के सिद्धांतों को स्पष्ट रूप से समझने के उद्देश्य से जनपद के प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालय के गणित एवं विज्ञान शिक्षकों को प्रशिक्षित किए जाने की तैयारी है।
जनपद के स्टेट रिसोर्स ग्रुप के सदस्य अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि समस्त उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के न केवल गणित व विज्ञान बल्कि जीवन के हर पहलू में उनके तर्कपूर्ण सोचने की क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से इस कार्यशाला में जहां गणित व विज्ञान की अनेकों रोचक गतिविधियों के द्वारा जटिल से जटिल समस्याओं का बहुत ही तर्क पूर्ण वा सरल विधि से हल करना सिखाया जाएगा वही अनेकों प्रकार की घटनाएं जैसे पाई के मान की गणना, कागज के द्वारा सभी प्रकार के त्रिभुजों के अंतः कोणों की गणना, विभिन्न विद्युत मोटरों तथा जनरेटरो का घरेलू सामानों से निर्माण करना, घर व किचन में उपलब्ध वस्तुओं के द्वारा गणित की अनेकों समस्याओं को हल करना, कागज के इतिहास पर चर्चा करते हुए इसके a4 नामकरण से लेकर एक a4 साइज के कागज के अंदर से लगभग 40 लोगों को एक साथ गुजारना आदि अनेक रोचक गतिविधियों को समझाते हुए बच्चों में गणित व विज्ञान के प्रति रुचि उत्पन्न की जाएगी जिससे कि वह स्कूल किसी दबाव में ना आकर स्वयं अपनी इच्छा के अनुसार रोचक गतिविधियों के लिए प्रतिदिन स्कूल आना प्रारंभ करें।
अखिलेश कुमार यादव (एआरपी विज्ञान, ब्लॉक अमरौधा) ने बताया कि इस प्रशिक्षण में विज्ञान में ध्वनि परिवर्तन से लेजर लाइट शो तथा घर में पाई जाने वाली एस्ट्रा से अनेक प्रकार की ध्वनियों को निकालना वह सौरमंडल की विचित्र घटनाओं को, बैरोमीटर, हवा में भार का आकलन, अनुनाद की घटनाए, बरनौली के सिद्धांत पर आधारित अनेकों उदाहरण आदि को बहुत ही रोचक तरीके से वह घरेलू सामानों से सिखाया जाएगा जिससे कि बच्चे न केवल विद्यालय में बल्कि अपने घर के सामान आदि में भी सिद्धांतों को तलाश सके और उसे अपनी पाठ्य पुस्तक की परी भावनाओं से जोड़कर अपने तार्किक क्षमता को बढ़ा सकें।
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जल्द ही जनपद स्तर से एक प्रभावी कार्य योजना बनाते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रिद्धी पाण्डेय के द्वारा इसे राज्य परियोजना कार्यालय लखनऊ को प्रेषित किया जाएगा और वहां से स्वीकृति मिलते ही यह कार्यशाला जनपद के सभी ब्लाकों में प्रारंभ कर दी जाएगी।निश्चय ही इस तरीके की कार्यशाला के आधार पर समस्त शिक्षक साथियों के सहयोग से तथा उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन से हम जनपद कानपुर देहात को निपुण जनपद, तथा निपुण प्रदेश बनाने में सफल होंगे।
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