आधार कार्ड बनाने में गड़बड़ी करने वाले 185 ऑपरेटर यूआईडीएआई द्वारा हुए निलंबित
यूपी में सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के लिए अब आधार कार्ड बनवाना जरूरी है। सरकार की ओर से मिड डे मील, यूनिफॉर्म, किताबें जैसी सुविधाएं तभी मिलेगीं जब छात्र का आधार कार्ड वेरिफिकेशन स्कूल करेगा।

- बीआरसी केंद्रों में आधार कार्ड बनाने में अनियमितता पाए जाने पर की गई कार्यवाही
- परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के नि:शुल्क आधार कार्ड बनाए जाने के हैं निर्देश, फिर भी कर रहे थे वसूली
- त्रुटियों और अनियमितताओं के कारण हुई कार्यवाही
- आगे गड़बड़ियों पर बीएसए, बीईओ होंगे जिम्मेदार
कानपुर देहात, अमन यात्रा : यूपी में सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के लिए अब आधार कार्ड बनवाना जरूरी है। सरकार की ओर से मिड डे मील, यूनिफॉर्म, किताबें जैसी सुविधाएं तभी मिलेगीं जब छात्र का आधार कार्ड वेरिफिकेशन स्कूल करेगा। इसके लिए सरकार ने सभी बीआरसी केंद्रों पर आधार बनाने वाली दो-दो मशीनें भेज रखी हैं लेकिन फिर भी विभाग की उदासीनता के कारण लगभग 20 फीसदी बच्चों के आधार कार्ड अभी तक नहीं बने हैं, जहां पर आधार कार्ड बन भी रहे हैं वहां कुछ जगह बच्चों से रुपए लिए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। जिन ऑपरेटरों की अभिभावकों ने यूआईडीएआई कार्यालय में शिकायत की है उन पर कार्यवाही की गई है।
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बता दें भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ ने बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित आधार नामांकन केंद्रों पर तैनात 185 ऑपरेटरों को विभिन्न त्रुटियों और अनियमितताओं के कारण एक से पांच साल के लिए निलंबित कर दिया है। 17 अगस्त को समीक्षा बैठक के दौरान बेसिक शिक्षा परिषद के अधिकारियों को बताया गया कि जून महीने में 172 ऑपरेटरों को एक साल के लिए और 13 ऑपरेटरों को पांच साल के लिए निलंबित किया गया है। इसके अलावा 68 ऑपरेटरों को तीन महीने के लिए कार्यमुक्त रखा गया है।
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बच्चों का आधार बनाने के लिए निर्धारित नोडल एजेंसी बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव प्रताप सिंह बघेल ने सभी बीएसए को 30 अगस्त को निर्देशित किया है कि निलंबित ऑपरेटरों को हटाते हुए उनके स्थान पर तत्काल नए ऑपरेटर की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं। बीएसए सभी ऑपरेटरों को निर्देशित करें कि आधार अपडेशन/नामांकन के लिए केवल यूआईडीएआई के मानक दस्तावेज ही उपयोग करें। आधार नामांकन नि:शुल्क है और अपडेशन के लिए शुल्क निर्धारित है। लिहाजा नए आधार नामांकन के लिए अवैध वसूली किसी सूरत में न हो और अपडेशन के लिए तय शुल्क से अधिक न लिए जाएं। भविष्य में ऐसा कोई प्रकरण सामने आता है तो ऑपरेटर्स के साथ ही संबंधित खंड शिक्षाधिकारी और बीएसए का व्यक्तिगत उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा।
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