एआरपी व शिक्षक संकुल की जिम्मेदारी निभा पाना अब न होगा आसान, करना पड़ेगा काम
बेसिक शिक्षा विभाग ने निगरानी टीमों में शामिल शिक्षकों से सख्त लहजे में कहा है कि पहले वे अपने विद्यालय को एक साल में निपुण बनाएं। तय लक्ष्य के अनुसार पठन-पाठन दुरुस्त कर सभी बच्चों को तैयार करें जो अन्य विद्यालयों के शिक्षकों के लिए नजीर बने।

- दूसरे विद्यालयों में कमियां निकालने से पहले अपने ही विद्यालय को निपुण लक्ष्य से करना होगा संतृप्त
कानपुर देहात,अमन यात्रा : बेसिक शिक्षा विभाग ने निगरानी टीमों में शामिल शिक्षकों से सख्त लहजे में कहा है कि पहले वे अपने विद्यालय को एक साल में निपुण बनाएं। तय लक्ष्य के अनुसार पठन-पाठन दुरुस्त कर सभी बच्चों को तैयार करें जो अन्य विद्यालयों के शिक्षकों के लिए नजीर बने। टीमों में शामिल शिक्षकों को ये निर्देश गोमतीनगर स्थित इंदिरा प्रतिष्ठान में विभाग की ओर से मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों, बीएसए व स्टेट रिसोर्स ग्रुप (एसआरजी) की दो दिवसीय कार्यशाला के अंतिम दिन रविवार को दिए गए हैं। बताते चलें निगरानी टीमों में प्रदेश भर में 225 एसआरजी के अलावा 4400 एआरपी (एकेडमिक रिसोर्स पर्सन) व 41000 शिक्षक संकुल हैं। अब ये शिक्षक तय मानकों के अनुसार अपने अपने विद्यालय को सर्वप्रथम निपुण बनाएंगे जिससे दूसरे विद्यालय व शिक्षक भी प्रेरित होंगे। इनको एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग करानी होगी इसके लिए पूरा प्लान समझा दिया गया है। कार्यशाला में बताया गया कि अगले हफ्ते से कक्षा कक्ष प्रक्रियाओं व अन्य कार्यक्रमों की बेहतर निगरानी के लिए नई चेक लिस्ट जारी की जायेगी। इससे सभी कार्यक्रमों को समय से पूरा कराया जा सकेगा।
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महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने निर्देश दिए हैं कि अधिकारी बिना किसी तैयारी के बैठक न करें। एजेंडा तय करके बैठक करें। साथ ही डाटा के आधार पर उत्तरदायित्व का निर्धारण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अच्छे अधिकारियों व शिक्षकों को प्रशंसा पत्र दिया जाएगा और ठीक से काम न करने वाली टीमों पर कार्यवाही भी होगी।
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