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सामूहिक हत्याकांड  मे अशोक चन्देल सहित सभी दोषियों को सुप्रीम कोर्ट से नही मिली राहत 

हमीरपुर में 25 साल पहले पूर्व विधायक अशोक सिंह चंदेल और 11 अन्य आरोपितों ने 5 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। 25 साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश को दोहराते हुए दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

Story Highlights
  • सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश को दोहराते हुए दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई
हरि माधव मिश्रा ,हमीरपुर :  हमीरपुर में 25 साल पहले पूर्व विधायक अशोक सिंह चंदेल और 11 अन्य आरोपितों ने 5 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। 25 साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश को दोहराते हुए दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। 25 वर्ष पूर्व मुख्यालय में पूर्व विधायक अशोक सिंह चंदेल समेत 11 लोगों ने एक ही परिवार के पांच लोगों की गोलीमार हत्या कर हुए सामूहिक हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसला सुनाए जाने के बाद मामले में लगाई जा रही अटकलों का अंत हो गया।बीते 25 वर्षों में वादी व बचाव पक्ष को कई उतार चढ़ाव देखने को मिले। सेशनकोर्ट से वादी पक्ष को निराशा मिलने के बाद भी हिम्मत न हार लड़ाई जारी रखी। जिसके बाद आज न्याय मिलने से वादी पक्ष में खुशी का माहौल है। वहीं दोषी पक्ष में उदासी छाई है।
वादी पक्ष ने बताया कि मामले में हाईकोर्ट द्वारा सुनाए गए फैसले का सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखते हुए सभी दोषियों को उम्रकैद सुनाया है।  भरे बाजार गोलीमार कर दी थी हत्या 26 जनवरी 1997 को देर शाम भरे बाजार भाजपा नेता राजीव शुक्ला के दो सगे भाइयों राकेश शुक्ला व राजेश शुक्ला और भतीज अंबुज उर्फ गुड्डा व निजी सुरक्षाकर्मी वेदनायक व श्रीकांत पाण्डेय की गोलीमार हत्या कर दी गई थी। जिसमें राजीव शुक्ला द्वारा पूर्व विधायक अशोक सिंह चंदेल उसके निजी सुरक्षाकर्मी समेत 12 नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। मुकदमे में विधायक समेत 10 लोगों को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्विनी कुमार ने बरी कर दिया था।लेकिन 22 साल तक वादी पक्ष ने हार न मानते हुए लड़ाई लड़ी और जिस पर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया और सामूहिक हत्याकांड में भाजपा विधायक अशोक सिंह चंदेल समेत नौ लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जबकि एक आरोपित की दौरान मुकदमा मौत हो गई। मामले में दोषी पक्ष द्वारा सुप्रीम कोर्ट ने अपील की। जिसके बाद आद दिन अटकलें लगाई जाती रही। दोनों पक्ष को दावे चर्चा में आते रहे। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट द्वारा सुनाए गए फैसले को बरकरार रखने का आदेश सुना इन पर विराम लगा दिया।
सामूहिक हत्याकांड में पूर्व विधायक अशोक सिंह चंदेल, श्याम सिंह, निजी गनर साहब सिंह, झंडू अरख, पूर्व विधायक का ड्राइवर रुक्कू, शराब कारोबारी रघुवीर सिंह, आशुतोष सिंह उर्फ डब्बू सिंह पुत्र रघुवीर सिंह, प्रदीप सिंह, उत्तम सिंह, भान सिंह, नसीम व सरकारी गनर नामजद किए गए थे। पुलिस द्वारा चार्जसीट में 11 के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया सरकारी गनर का नाम हटा लिया गया।  रुक्कू को सेशन कार्ट ने सुनाई था आजीवन कारावास सेशन कोर्ट में मामले के विचारण दौरान रुक्कू फरार था। जिस पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्वनी कुमार ने पूर्व विधायक अशोक चंदेल समेत सभी को साक्ष्यों के अभाव में वरी कर दिया। बाद में 12 मई 2003 को रुक्कू को भी जेल भेजा गया। जिसकी सुनवाई कर जनपद न्यायाधीश बी राम ने उसे उम्रकैद सुनाई।  मौजूदा में बचे नौ दोषी
सामुहिक हत्याकांड में शामिल रहे आरोपित झंडू सिंह की मामले के हाईकोर्ट में विचारण के दौरान मौत हो गई। वहीं शराब कारोबारी रघुवीर सिंह की 15 अगस्त 2022 को मौत हो गई। जिसके बाद मौजूदा में घटना के दोषी अशोक सिंह चंदेल, श्यामजी, साहब सिंह, रुक्कू, आशुतोष सिंह उर्फ डब्बू, प्रदीप सिंह, उत्तम सिंह, भान सिंह व नसीम समेत नौ लोग अलग-अलग जेलों में सजा काट रहे है।
AMAN YATRA
Author: AMAN YATRA

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