आंगनवाड़ी के बच्चे कर सकेंगे विद्यालय के शैक्षिक संसाधनों का प्रयोग
आंगनवाड़ी में पढ़ने वाले बच्चों हेतु बेहतर शैक्षिक वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद और बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की निदेशक सरनीत कौर ब्रोका ने एक संयुक्त आदेश जारी करते हुए विद्यालय के संसाधनों को आंगनवाड़ी के 3 वर्ष से 6 वर्ष तक के बच्चों हेतु प्रयोग करने के निर्देश दिए। प्

- महानिदेशक स्कूल शिक्षा और निदेशक आईसीडीएस ने जारी किया संयुक्त आदेश
अमन यात्रा, कानपुर देहात। आंगनवाड़ी में पढ़ने वाले बच्चों हेतु बेहतर शैक्षिक वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद और बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की निदेशक सरनीत कौर ब्रोका ने एक संयुक्त आदेश जारी करते हुए विद्यालय के संसाधनों को आंगनवाड़ी के 3 वर्ष से 6 वर्ष तक के बच्चों हेतु प्रयोग करने के निर्देश दिए। प्री प्राइमरी के नोडल एसआरजी अनन्त त्रिवेदी ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में पूर्व प्राथमिक शिक्षा को मूलभूत साक्षरता के प्रथम सोपान के रूप में निपुण भारत मिशन में चिन्हांकित किया गया है।
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राज्य में उक्त शिक्षा से संबंधित केन्द्र के रूप में आंगनबाडी केन्द्र चिन्हित हैं। बेसिक शिक्षा विभाग एवं निदेशालय, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा लगातार आपसी समन्वय से उक्त आयुवर्ग के बच्चों हेतु शैक्षिक वातावरण तैयार करने हेतु निरंतर प्रयास किया जा रहा है। तद्क्रम में जनपद के वे विद्यालय जिनके परिसर में आंगनबाडी केन्द्र संचालित हैं, नोडल अध्यापक द्वारा विद्यालय में उपलब्ध विभिन्न संसाधन यथा पुस्तकालय, खेल कूद सामग्री, प्रिंटरिच कहानी कविताओं से संबंधित पोस्टर्स आदि प्रयोग करने हेतु प्रेरित किया जाये। इसके लिए नोडल अध्यापक एवं आंगनबाडी कार्यकत्री आपसी समन्वय से कार्य करेंगी।
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