लिंग भेदभाव का करे बहिष्कार, लड़का-लड़की एक समान : सीडीओ सौम्या
महिला पुरुष में समानता और लिंग आधारित हिंसा को समाप्त करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ।

- देहाती मार्ट में गांव की महिलाओं द्वारा निर्मित वस्तुओं की धूम
- महिला पुरुष में समानता और लिंग आधारित हिंसा पर कार्यक्रम का भव्यतम अयोजन
- कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला पुरुष को बराबर सम्मान देना लड़का लड़की में भेदभाव खत्म करना है : सौम्या पांडेय
- महिलाएं बन रही हैं आत्मनिर्भर एवं सशक्त : सीडीओ सौम्या
अमन यात्रा, कानपुर देहात। महिला पुरुष में समानता और लिंग आधारित हिंसा को समाप्त करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। रसूलाबाद ब्लाक परिसर में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद की मुख्य विकास अधिकारी सौम्या पांडेय पहुंचीं। कार्यक्रम में मौजूद सहायता समूह की महिलाओं ने मुख्य विकास अधिकारी सौम्या पांडेय का स्वागत किया। महिलाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से मिशन शक्ति कार्यक्रम में महिलाओं को आगे लाने का प्रयास हो रहा है।
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उन्होंने कहा कि बेटियों के पिताजी बेटी को पराया समझते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने देहाती मार्ट का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि गांव की महिलाओं के द्वारा घरों में तैयार की गई तमाम चीजों व उत्पादों को ब्रांड के माध्यम से बेचे जा रहें। जिससे महिलाओं को अधिक लाभ हो सके। उन्होंने कहा कि महिलाएं घर में पुकुलो अचार,सूट सिलाई, कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर सहित कोई भी कोर्स करना चाहे तो उसका कोर्स कराया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी सौम्या पांडेय ने कहा जनपद में पेठा बनाने का कार्य शुरू किया गया है। जिसमें तीस महिलाओं को चयनित किया गया है। जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर हो सकेंगी।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला पुरुष को बराबर सम्मान देना लड़का लड़की में भेदभाव खत्म करना है। वही स्लोगन में साफ साफ लिखा है कि सहेंगे नहीं कहेंगे बेटियों को आज भी देवी का स्वरूप माना जाता है। लेकिन अब बदलाव आ रहा है। अब बेटियां हवाई जहाज तक उड़ा रही हैं। सीमा पर तैनात हैं।पुलिस में है हर विभाग में महिलाएं आगे आ रही है। इसलिए महिला पुरुष में भेदभाव नहीं रखना चाहिए। जितनी खुशी बेटा पैदा होने पर हो वैसे ही खुशी बेटी के पैदा होने पर हो। परिवार की ओर से बेटा और बेटी को समान दर्जा देना चाहिए। महिलाओं को अपने अधिकारों के बारे में सजग होना चाहिए ताकि कोई भी उनका उत्पीड़न न कर सके। महिला दरोगा सुमन दीक्षित ने महिलाओं के अधिकारों के बारे में विस्तार पूर्वक बताया इसके साथ ही उन्होंने महिला हेल्पलाइन 1076 सहित अन्य विषयों की जानकारी दी।
वही महिला चिकित्सक मीना कुरील ने भी विस्तार पूर्वक जानकारी दी। इस मौके पर जिला विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट , मुख्य चिकित्सा अधिकारी एके सिंह, सहायक अभियंता अमृता सिंह, प्रबंधक ब्लॉक मिशन प्रबंधक नीरज सोनकर, दिलीप यादव, सारिका मंडल, विभा देवी, कीर्ति सहित कई अन्य लोग रहे। वह इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी सौम्या पांडेय ने रसूलाबाद ब्लॉक के विभिन्न कार्यालयों को देखा और साफ सफाई के निर्देश दिए। इस दौरान मनरेगा के कार्यों में लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की।
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