कानपुर/ कानपुर देहात। सचेंडी में बुधवार रात हार्डवेयर कारोबारी से 5.30 लाख की लूट में शामिल पुलिसकर्मियों ने पूरी तैयारी के साथ वारदात को अंजाम दिया था। भौंती स्थित दीपू चौहान ढाबे के पास कारोबारी की कार को रोका। दो पुलिसकर्मी उसकी कार में बैठ गए और थाने ले जाने की बात बताकर कार को इधर- उधर घुमवाते रहे, रास्ते में कहा कि दो नंबर की रकम लेकर कहा जा रहे हो । इसे दे दो वरना जेल जाना होगा, नहीं तो एनकाउंटर भी हो सकता है। यह खुलासा शुक्रवार को सिकंदरा निवासी कारोबारी सत्यम शर्मा ने बातचीत में किया।
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कस्बा के विकासनगर निवासी सत्यम शर्मा ने बताया कि बुधवार को उन्नाव के प्रॉपर्टी डीलर बबलू साहू के बुलावे पर वह सिकंदरा के ही अल्हनीपुर निवासी चालक सोनू कटियार के साथ मगरवारा में प्लॉट खरीदने गए थे। प्लॉट पसंद नहीं आया तो दोनों रात करीब 730 बजे नेशनल हाईवे से सिकंदरा की ओर लौट रहे थे। भौंती में कार सवार तीन लोगों ने उन्हें रोक लिया । तीनों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया।इनमें से दो लोग उनकी कार में बैठ गए और एक पीछे से पुलिसवालों की कार लेकर चलता रहा। कार में बैठने के बाद दोनों ने उनके व चालक के मोबाइल फोन और5.30 लाख रुपये छीन लिए। मोबाइल फोन बंद कर दिए। काफी देर तक इधर- उधर घुमाते रहे। जब कारण पूछा तो बोले तुम्हारे पास जुए की रकम बरामद हुई है। एकदम चुप रहना अगर कुछ बोले तो सीधे जेल जाओगे।
इस पर सत्यम शर्मा ने पुलिसकर्मियों से उसे थाने ले चलने के लिए कहा लेकिन दोनों पुलिस कर्मियों ने कार चकरपुर मंडी के आगे सुनसान जगह पर रुकवा दी। कार से उतरने के बाद कारोबारी व चालक का मोबाइल फोन लौटा दिया। धमकी दी कि चुपचाप चले जाओ। अगर किसी से कुछ भी कहा तो उल्टा फंसा देंगे और संगीन धाराओं में जेल भेज देंगे। सत्यम के मुताबिक वह पुलिस कर्मियों की धमकी से डरकर घर आ गया। गुरुवार को वह दोबारा हिम्मत जुटाकर चालक सोनू के साथ सचेंडी थाने पहुंचा और पुलिस अफसरों की पूरी घटना बताई। रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी। इसके बाद मामला पुलिस के बड़े अधिकारियों के पास पहुंचा और पश्चिम जोन के स्वॉट में तैनात दरोगा यतीश कुमार, हेड कांस्टेबल अब्दुल राफे, सचेंडी थाने के दरोगा रोहित सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।
थाने में पुलिसकर्मी ने दी गालियां-
सत्यम शर्मा ने बताया कि लूट में शामिल रहा एक पुलिसकर्मी थाने में ही बैठा था, जिसको देखकर उन्होंने पहचान लिया। थाना प्रभारी से उस पुलिसकर्मी के लूट में शामिल होने की बात कही, तो वह गालीगलौज करने लगा। थाना प्रभारी ने कड़ाई से पूछताछ की तो आरोपी तीनों पुलिसकर्मियों ने उससे लूटे गए5.30 लाख रुपये वापस कर दिए। इसके बाद थाना प्रभारी ने रुपये जमा करा लिए और आरोपी पुलिस वालों को गिरफ्तार किया। तीनों पुलिसकर्मियों को भेजा गया जेल लूट के आरोपी एसआई यतीश कुमार, एसआई रोहित सिंह, हेड कांस्टेबल अब्दुल राफे को शुक्रवार एसीएमएम तृतीय कोर्ट में पेश किया गया।यहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने सभी डीसीपी को स्वॉट टीम में शामिल पुलिसकर्मियों के आचरण की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। विवादों में घिरे दरोगा और सिपाही हटाए जाएंगे।
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