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चकिया: सांसद ने प्रधानमंत्री से मिलकर सौंपा पत्रक, कहा SC/ST आदिवासियों का घर गिराया गया व गिराया जा रहा है, मुकदमा लादकर जेल भेजा जा रहा है, SC/ST के लोगों को नियमानुसार पट्टा नहीं दिया जा रहा है…. पीएम ने दिया आश्वासन…..

चकिया: सांसद ने प्रधानमंत्री से मिलकर सौंपा पत्रक, कहा SC/ST आदिवासियों का घर गिराया गया व गिराया जा रहा है, मुकदमा लादकर जेल भेजा जा रहा है, SC/ST के लोगों को नियमानुसार पट्टा नहीं दिया जा रहा है…. पीएम ने दिया आश्वासन…..

चकिया, चंदौली। राबर्ट्सगंज लोकसभा 80 समाजवादी पार्टी के सांसद छोटे लाल खरवार ने भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि मेरे संसदीय क्षेत्र रॉबर्ट्सगंज सोनभद्र के कुलडोमरी, ओबरा दूधी, मेयुरपुर, बभनी, नगवा ब्लॉक के ग्राम केवटम विधानसभा घोरावल, चकिया, नौगढ़ इत्यादि जगहों पर SC/ST आदिवासियों का घर गिराया गया है तथा गिराया जा रहा है। मुकदमा लादकर जेल भेजा जा रहा है। SC/ST के लोगों को नियमानुसार पट्टा नहीं दिया जा रहा है। वनाअधिकार कानून का उल्लंघन किया जा रहा है तथा उनको मारपीट कर जेल भेजा जा रहा है। न्याय नहीं मिल रहा है।

उनके वन की जमीन पुश्तैनी बाहरी व्यक्तियों को पट्टा कर दिया गया है, उसे री-सर्वे करा कर उनकी जमीन वापस कर दिया जाए तथा मौके पर जितना कब्जा है, 4 बीघा से 16 बीघा तक पट्टा देने का अधिकार है। मगर नहीं उनके मुताबिक जमीन दे रहे हैं।

वहीं उनकी जमीन सर्वे में दूसरी बाहरी व्यक्ति अपना नाम बड़े पैमाने पर करवा लिए हैं। वहां के हजारों आदिवासी हाईकोर्ट से लेकर कचहरी तक चक्कर लगाते हैं। अपनी पुश्तैनी जमीन बेचकर लडाई लड़ रहे हैं, आगे खाने-पीने को मोहताज हो जाएंगे। इस पर विचार करते हुए री-सर्वे करा कर उनकी जमीन वापस किया जाए। इससे संबंधित अधिकारियों को आदेश दिया जाए।

केवटम ग्राम के आदिवासियों को वन विभाग के रेंजर द्वारा मारा पीटा गया। उनको भी जेल भेजा गया। कोई कार्रवाई नहीं हुई। SC/ST की गंभीर धारा को विवेचना कर अधिकारी निकाल देते हैं, इससे आदिवासी पीड़ित है।

उनके साथ अन्याय हो रहा है, मारने पीटने वाले अधिकारी सामंतवादियो जैसा व्यवहार कर रहे हैं। संविधान की खुलेआम और अवहेलना कर रहे हैं तथा पुलिस विभाग के सी.ओ स्तर के अधिकारी विवेचना के तहत SC/ST संबंधित गंभीर धाराओं को निकाल कर बाहर कर देते हैं। वही गरीब, दलित, ओबीसी, किसान सभी लोग परेशान हैं।

चकिया और नौगढ़ तहसील में काशीराज स्टेट के समय से उपयोगी वन की जमीन गरीबों, किसानों को आवंटित की गई थी। उस जमीन को दोबारा रेनुवल नहीं किया जा रहा है, उनके साथ अन्याय किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बार-बार प्रयास किया जाता है की जमीन खाली करो। यह किसानों, गरीबों, SC/ST/OBC कि लोगों के साथ अन्याय है।


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