महिला सशक्तिकरण: शिक्षा और दयालुता से बदलेगा समाज
"फैशन बदल सकता है, लेकिन दयालुता कभी नहीं।" यह बात बाला फाउंडेशन लखनऊ की सचिव प्रीति एम शाह ने इग्नू क्षेत्रीय केंद्र लखनऊ द्वारा आयोजित एक वेबिनार में कही।

पुखरायां: “फैशन बदल सकता है, लेकिन दयालुता कभी नहीं।” यह बात बाला फाउंडेशन लखनऊ की सचिव प्रीति एम शाह ने इग्नू क्षेत्रीय केंद्र लखनऊ द्वारा आयोजित एक वेबिनार में कही। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण शिक्षा से ही संभव है। जब महिलाएं और पुरुष मिलकर काम करते हैं, तो परिवार का विकास होता है। इंटरनेट आज की पीढ़ी के लिए एक शक्तिशाली उपकरण है, लेकिन इसका दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए।
शाह ने कहा कि समाज को उन रूढ़ियों को दूर करना होगा जो लड़के और लड़की के बीच भेदभाव करती हैं। आज लड़कियां लड़कों से किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। हमें यह सोचना होगा कि कितनी महिलाएं घर की चारदीवारी में कैद हैं और अपना पूरा जीवन परिवार के लिए समर्पित कर देती हैं, लेकिन पुरुषों द्वारा उन्हें कभी सराहा नहीं जाता है। इसलिए, महिलाओं को खुद को अभिव्यक्त करना चाहिए और कुछ रचनात्मक करना चाहिए।
वेबिनार में इग्नू क्षेत्रीय केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अनिल कुमार मिश्रा ने कहा कि महिलाएं पुरुषों से किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। हमारे देश की राष्ट्रपति एक महिला हैं। हमारी संस्कृति महिलाओं को देवी मानती है। भारत के विकास में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
कार्यक्रम का संचालन उपनिदेशक डॉ. अनामिका सिन्हा ने किया। उन्होंने कहा कि समाज को अभी बहुत कुछ करना बाकी है। उपनिदेशक डॉ. रीना कुमारी ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। डॉ. पर्वत सिंह ने अपने महाविद्यालय के छात्रों को वेबिनार से लाभान्वित कराया।
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