नया शिक्षा सेवा चयन आयोग का ड्राफ्ट बनकर तैयार, शिक्षक भर्ती का अभ्यार्थियों को नहीं करना होगा इंतजार
उत्तर प्रदेश राज्य शिक्षा सेवा चयन आयोग का प्रारूप तैयार हो गया है। 12 सदस्यीय कमेटी ने शिक्षक भर्ती का प्रारूप बनाकर शासन को सौंप दिया है। तैयार प्रारूप की भाषाई अशुद्धियां दूर करने का काम जोरों पर है।

लखनऊ / कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश राज्य शिक्षा सेवा चयन आयोग का प्रारूप तैयार हो गया है। 12 सदस्यीय कमेटी ने शिक्षक भर्ती का प्रारूप बनाकर शासन को सौंप दिया है। तैयार प्रारूप की भाषाई अशुद्धियां दूर करने का काम जोरों पर है। यह प्रक्रिया भी जल्द पूर्ण हो जाएगी उसके बाद मुख्यमंत्री के सामने इसे प्रस्तुत किया जाएगा और उनकी सहमति के बाद इसे कैबिनेट से पास किया जाएगा। ऐसी आशा है कि अगले एक-दो महीने में यह आयोग अस्तित्व में आ जाएगा और लंबित सभी शिक्षक भर्ती शुरू हो जाएंगे इसका मुख्यालय प्रयागराज में बनाया जाएगा।
अलग-अलग हैं बोर्ड-
अभी तक बेसिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षण संस्थाओं तक शिक्षक भर्ती की व्यवस्था अलग-अलग थी सभी में अलग-अलग नियम थे जिस कारण से गड़बड़ियां होती थीं। शिक्षक भर्ती के लिए एक केंद्रीकृत व्यवस्था के तहत 2019 में राज्य शिक्षा सेवा चयन अधिनियम बनाया गया। इसके अंतर्गत बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षण संस्थाओं, संस्कृत के माध्यमिक और महाविद्यालयों, मदरसा, अल्पसंख्यक महाविद्यालयों और प्राविधिक कॉलेजों में शिक्षक की भर्ती इसी आयोग के द्वारा होगी। बेसिक माध्यमिक और उच्च शिक्षा में प्रदेश सरकार से गठित अलग अलग आयोग शिक्षक भर्ती करते थे इसके अलावा संस्कृत, मदरसा और अल्पसंख्यक विद्यालयों में वहां का प्रबंधन अपने मुताबिक नियुक्तियां करता था इनकी अत्यधिक शिकायतें सरकार के पास पहुंचती थीं इसे देखते हुए सरकार ने शिक्षक भर्तियों में एकरूपता लाने के लिए एक आयोग का गठन करने का निर्णय लिया। अब जो भी संस्थान प्रदेश सरकार से अनुदान ले रहा है उन सभी में भर्तियां राज्य शिक्षा सेवा चयन आयोग के द्वारा ही की जाएगी।
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