बायो गैस स्लरी में जमीन की उपजाऊपन बढ़ाने वाले उपयुक्त जीवाणु पाए जाते है : अजिंक्य कामते
मकरंदापुर ता. भोगनीपुर के 'मास्टर डेरी एंड एग्रो इंडस्ट्रीज प्रा. लि.' में जैविक खाद बनाने वाला प्रकल्प लगने जा रहा हैं। पुणे के कामते ऑर्गेनिक इंडस्ट्रीज प्रा. लि. इस कंपनी ने बायो-गैस की स्लरी से घन और तरल जैविक खाद निर्मिती का तंत्रज्ञान विकसित किया है।

पुखरायां, अमन यात्रा : मकरंदापुर ता. भोगनीपुर के ‘मास्टर डेरी एंड एग्रो इंडस्ट्रीज प्रा. लि.’ में जैविक खाद बनाने वाला प्रकल्प लगने जा रहा हैं। पुणे के कामते ऑर्गेनिक इंडस्ट्रीज प्रा. लि. इस कंपनी ने बायो-गैस की स्लरी से घन और तरल जैविक खाद निर्मिती का तंत्रज्ञान विकसित किया है।
इससे हर छोटे, बड़े किसानों को फायदा मिलने वाला है। इस समय भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रमुख प्रवक्ता राजेंद्र कुमार , अशोकजी सचान और प्रखर सचान उपस्थित थे । इस तंत्र ज्ञान बाबत कंपनी के कार्यकारी संचालक अजिंक्य कामते ने बताया कि देसी गाय के गोबर से बनी जैविक खाद में कुछ मूल्यवर्धन करने वाले तत्व डाले गए है। इसके इस्तेमाल से किसान की आय निश्चित तौर पर बढ़ेगी। बायो गैस स्लरी में जमीन की उपजाऊपन बढ़ाने वाले उपयुक्त जीवाणु पाए जाते है। ये ध्यान में रखते हुवे हमने घन और तरल घटक अलग किये है, और उनका मूल्यवर्धन करके NPK रिच ऑर्गेनिक फ़र्टिलाइज़र की निर्मिती की है।
फिलहाल मास्टर डेरी में रोज 6 टन देसी गाय के गोबर पर प्रक्रिया की जा रही है। इस प्रकल्प में बायोगैस के इस्तेमाल से रोज 200 यूनिट बिजली की निर्मिती होगी। गोबर को मूल्यवर्धन करके 5000 kg घन खाद और 10000 लीटर तरल रूप जैविक खाद बन रही है। ये जैविक खाद M- गोल्ड नाम से उपलब्ध है। M- गोल्ड एक सर्वश्रेष्ठ जैविक खाद है। इसका प्रयोग हर फसल पर किया जा सकता है। इसके इस्तेमाल से फसल की पैदावार 30% से 50% बढ़ जाती हैं। अच्छी गुणवत्ता के कारण बाजार में भाव भी बढ़ा के मिलता है। एकत्रित रूप से हम ये कह सकते है कि किसान की आय दुगनी हो जाती हैं।
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