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एनपीएस से ऑनलाइन आंशिक निकासी पर रोक

पेंशन प्रणाली से जुड़े केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों को एक जनवरी 2023 से अपने एनपीएस कोष से आंशिक निकासी के लिए केवल अपने संबद्ध नोडल कार्यालयों के जरिये ही अनुरोध करना होगा।नियामक पीएफआरडीए ने जनवरी 2021 में एनपीएस के अंशधारकों को ऑनलाइन अनुरोध से आंशिक निकासी की सुविधा प्रदान की थी।

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  • आंशिक निकासी के लिए केवल अपने संबद्ध नोडल कार्यालयों के जरिये ही करना होगा अनुरोध

अमन यात्रा , लखनऊ / कानपुर देहात।  पेंशन प्रणाली से जुड़े केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों को एक जनवरी 2023 से अपने एनपीएस कोष से आंशिक निकासी के लिए केवल अपने संबद्ध नोडल कार्यालयों के जरिये ही अनुरोध करना होगा।नियामक पीएफआरडीए ने जनवरी 2021 में एनपीएस के अंशधारकों को ऑनलाइन अनुरोध से आंशिक निकासी की सुविधा प्रदान की थी। हालांकि गैर-सरकारी क्षेत्र के एनपीएस अंशधारकों के लिए स्व-घोषणा के आधार पर आंशिक निकासी की सुविधा फिलहाल जारी रहेगी।

पेंशन नियामक पीएफआरडीए का कहना है कि कोविड-19 महामारी और देश के विभिन्न हिस्सों में लॉकडाउन के कारण गतिहीनता के दौरान इसने ग्राहकों को लाभान्वित किया था। नियामक ने कहा है कि एनपीएस के नागरिक और कारपोरेट खंड के अंशधारकों के लिए यह निकासी सुविधा जारी रहेगी।

इन मदों में है निकासी की इजाजत

  1. अंशधारक कम से कम तीन साल के लिए एनपीएस का सदस्य होना चाहिए।
  2. निकासी राशि अंशधारक के योगदान के 25 प्रतिशत से अधिक नहीं हो।
  3. अंशदान की पूरी अवधि के दौरान अधिकतम तीन आंशिक निकासी की अनुमति है।
  4. निकासी की अनुमति केवल निर्दिष्ट कारणों में मिलती है-

क) बच्चों की उच्च शिक्षा

ख) बच्चों की शादी

ग) आवासीय घर की खरीद या निर्माण के लिए

घ) गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए

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