सेंगुर नदी में डूबे दीपक का शव चौथे दिन भी नहीं मिला, NDRF का सर्च ऑपरेशन जारी
डेरापुर थाना क्षेत्र के फत्तेपुर गांव के पास सेंगुर नदी के चेक डैम में नहाते समय डूबे फत्तेपुर निवासी दीपक का शव चार दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक बरामद नहीं किया जा सका है।

- फत्तेपुर गांव के पास नमामि गंगे चेक डैम में नहाते समय हुआ था हादसा, एक युवक का शव पहले ही बरामद
कानपुर देहात: डेरापुर थाना क्षेत्र के फत्तेपुर गांव के पास सेंगुर नदी के चेक डैम में नहाते समय डूबे फत्तेपुर निवासी दीपक का शव चार दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक बरामद नहीं किया जा सका है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे अपने बेटे के शव के मिलने का इंतजार कर रहे हैं। एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीम लगातार शव की तलाश में जुटी हुई है।
यह दुखद घटना रविवार को उस समय हुई जब फत्तेपुर गांव के पास नमामि गंगे परियोजना के तहत बने चेक डैम में रोहित पुत्र विजय गौतम निवासी जरौली और दीपक पुत्र कृष्ण गोपाल निवासी फत्तेपुर डेरापुर नहा रहे थे। गहरे पानी में फंस जाने के कारण दोनों डूब गए।

घटना की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी भूमिका यादव, तहसीलदार जितेंद्र सिंह, और प्रभारी निरीक्षक महेश कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत एनडीआरएफ की टीम को बुलाया। टीम ने ग्रामीणों की मदद से करीब 20 घंटे के अथक प्रयास के बाद सोमवार सुबह 9 बजे रोहित निवासी जरौली का शव ढूंढ निकाला।
हालांकि, दीपक का शव अभी भी लापता है। लगातार तीसरे दिन भी एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीम ग्रामीणों की मदद से खोजबीन में लगी रही, लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। मंगलवार को एनडीआरएफ की एक स्पेशल टीम बुलाई गई, लेकिन देर रात तक भी दीपक का शव नहीं मिल सका। चेक डैम से कुछ दूरी पर जाल भी लगाया गया है ताकि शव के बहकर आगे जाने पर उसे रोका जा सके।
इस दुखद घटना की सूचना मिलने पर राज्यमंत्री अजीत पाल भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने दुखी परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। एनडीआरएफ टीम के कंपनी कमांडर जितेंद्र प्रताप सिंह ने सर्च ऑपरेशन में तेजी लाने की बात कही है।



