प्रशिक्षण के चौथे दिन कक्षा 4 एवं 5 के भाषा और गणित शिक्षण पर हुई चर्चा
डेरापुर विकासखंड की बीआरसी में जारी एफएलएन और एनसीईआरटी आधारित पुस्तकों के प्रशिक्षण के चौथे दिन एसआरजी अनंत त्रिवेदी ने प्रथम सत्र में आकलन पर चर्चा करते हुए कहा कि कक्षा शिक्षण के बाद किए गए आकलन में अपेक्षित परिणाम न मिलने पर शिक्षक को अपनी विधियों में परिवर्तन करना आवश्यक हो जाता है।

कानपुर देहात। डेरापुर विकासखंड की बीआरसी में जारी एफएलएन और एनसीईआरटी आधारित पुस्तकों के प्रशिक्षण के चौथे दिन एसआरजी अनंत त्रिवेदी ने प्रथम सत्र में आकलन पर चर्चा करते हुए कहा कि कक्षा शिक्षण के बाद किए गए आकलन में अपेक्षित परिणाम न मिलने पर शिक्षक को अपनी विधियों में परिवर्तन करना आवश्यक हो जाता है।
आकलन के परिणाम बच्चों के मूल्यांकन के साथ-साथ शिक्षक द्वारा अपनाए जा रहे तरीकों का भी मूल्यांकन है। एआरपी हर्षा नागपाल ने कहा कि एक अच्छे प्रशिक्षक के रूप में कार्य करने के लिए आपको अपने अंदर धैर्य से सुनने, व्यक्तित्व विकास करने, विषय वस्तु पर पकड़, समय प्रबंधक और तकनीकी रूप से सक्षम होना पड़ेगा। एआरपी वरुण बाजपेई ने अंग्रेजी भाषा की एनसीईआरटी आधारित वर्तमान सत्र से कक्षा 3 में पढ़ाई जाने वाली संतूर से परिचय कराया।
एआरपी अजय वर्मा ने शिक्षा को भारतीय संस्कृति के ज्ञान विज्ञान और दर्शन से जोड़ने की अपील की। प्रथम संस्था से जिला समन्वयक दुर्गा प्रसाद तिवारी और संदीप यादव ने कक्षा चार और पांच में भाषा और गणित के लिए तैयार की गई शिक्षण संदर्शिका पर चर्चा करते हुए वर्तमान सत्र के प्राथमिक और अंतिम आकलन की रणनीतियों पर चर्चा की। इस दौरान प्रशिक्षक प्रकाश मोहन मिश्रा, आदित्य त्रिपाठी, शिक्षक जयशंकर द्विवेदी, महेंद्र यादव, संगीता यादव आदि उपस्थित रहे।
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