पुलिस को चकमा देकर पीड़ित परिवार के घर पहुंचीं सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल
पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप,आरोपी को 'मानसिक रोगी' बताने पर आपत्ति

फतेहपुर: फतेहपुर के धाता थाना क्षेत्र के अजरौली पल्लावां गांव में चार दिन पहले हुई हत्या की घटना के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। वृद्ध की नृशंस हत्या और दो लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर मिलने पर पीड़ितों से मिलने जा रही सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल को रोकने के लिए पुलिस ने सभी मुख्य रास्ते बंद कर दिए थे, लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर बाइक से पीड़ित परिवार के घर पहुंच गईं।
पीड़ितों से मिलकर विधायक पल्लवी पटेल ने पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि मुझे यहां आने से रोकने के लिए इतनी भारी फोर्स लगाई गई, जबकि पीड़ित परिवार की सुरक्षा के लिए एक होमगार्ड तक नहीं लगाया गया।
विधायक ने पीड़ित परिवार के बेटे की सुरक्षा की मांग पर उसे लाइसेंस देने की सिफारिश की। उन्होंने मृतक के आश्रितों को एक करोड़ रुपये और घायलों को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग भी की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वह इस मामले को सड़क से लेकर विधानसभा तक उठाएंगी।
पल्लवी पटेल ने एक अखबार में छपी खबर पर आपत्ति जताई, जिसमें किसी अधिकारी ने आरोपी को ‘मानसिक रोगी’ बताया था। इस पर खागा के एसडीएम और धाता के थाना प्रभारी ने कहा कि आरोपी जेल में है और लिखित में ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। विधायक ने कहा कि भविष्य में सार्वजनिक बयान देने से पहले संयम बरतना चाहिए और अगर किसी को गलत संरक्षण मिला तो वह विधानसभा में जवाबदेही तय करेंगी। उन्होंने थानाध्यक्ष और सीओ का तत्काल तबादला करने की भी मांग की।
इसी बीच, समाजवादी पार्टी की भावी प्रत्याशी रत्नेश रत्ना भी शोक संतप्त परिवारों से मिलने जा रही थीं, लेकिन उन्हें धाता बाईपास पर कानून-व्यवस्था का हवाला देकर पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद, रत्नेश रत्ना और उनके समर्थक सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करने लगे।
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