हमीरपुर
नव जात शिशु के बेहतर विकास एवम् स्वास्थ्य के लिए माँ का दूध है जीवन रक्षक : डॉ फूल कुमारी
बाँदा कृषि एवम् प्रौद्योगिकी विश्व विद्यालय, बाँदा द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र, कुरारा, हमीरपुर द्वारा विश्व स्तन पान सप्ताह के दौरान ग्रामीण महिलाओ को जगरुक किया जा रहा है जिसका मुख्य उद्देश्य कुपोषण से निजात दिलाना और बच्चों का शरीरिक एवम मानसिक विकास को बढ़ाना।

- शिशुओ को जन्म से छः माह तक सिर्फ माँ का दूध पिलाये -डॉ फूल कुमारी
हमीरपुर,अमन यात्रा : बाँदा कृषि एवम् प्रौद्योगिकी विश्व विद्यालय, बाँदा द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र, कुरारा, हमीरपुर द्वारा विश्व स्तन पान सप्ताह के दौरान ग्रामीण महिलाओ को जगरुक किया जा रहा है जिसका मुख्य उद्देश्य कुपोषण से निजात दिलाना और बच्चों का शरीरिक एवम मानसिक विकास को बढ़ाना।
गृह वैज्ञानिक डॉक्टर फूल कुमारी ने बताया कि नव जात शिशु के बेहतर विकास एवम् स्वास्थ्य के लिए माँ का दूध सर्वोत्तम आहार है क्योंकि माँ के दूध में सभी पोषक तत्व, एंटी बडीज, प्रतिरोधक कारक और एंटी आक्सिडेंट मौजूद होते हैं जो बच्चों को रोगों से लड़ने की क्षमता का विकास करता है। शिशुओ को जन्म से छः माह तक सिर्फ माँ का दूध पिलाने के लिए महिलाओ को प्रोत्साहित किया और बताया कि स्तन पान कराने से मां और बच्चे दोनों कई बीमारियों से सुरक्षा होती है। मां के दूध में लैक्टफाॅर्मिंन नामक तत्व होता है जो बच्चे की आंत में लौह तत्व को बांध लेता है जिससे बच्चे की आंत में रोगाणु पनप नही पाते है।
जिन बच्चों को माँ का दूध नही मिल पाता उनके बुधि का विकास अपेक्षा कृत कम होता है। माँ का प्रथम दूध यानी कोलोस्ट्रंम में सभी पोषक तत्व मौजूद होते हैं। शिशु को सही मात्रा में सही समय पर माँ का दूध न मिल पाना भी कुपोषण की समस्या का बहुत बड़ा कारण है। प्रसार वैज्ञानिक डा एस पी सोनकर ने ग्रामीण महिलाओ को बताया कि बच्चे देश के भविष्य हैं इनकी देख भाल करना माँ पर निर्भर करता है। इस कार्य क्रम में बरुआ गाव की सीमा, पूनम, सुधा, कृष्णा सहित 26 महिलाऐ उपस्थित रही।
Discover more from अमन यात्रा
Subscribe to get the latest posts sent to your email.