स्कूल चलो अभियान के अन्तर्गत विद्यालयों को गोद लिये जाने के जारी हुए सख्त निर्देश
स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काफी पहले कर चुके हैं। उसी दौरान मुख्यमंत्री ने नेताओं व अफसरों से स्कूलों को गोद लेने का अनुरोध किया था।

- अब तक प्रदेश में मात्र 8082 परिषदीय विद्यालय ही लिए गए हैं गोद, डीजीएसई ने जताया अफसोस
अमन यात्रा, कानपुर देहात। स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काफी पहले कर चुके हैं। उसी दौरान मुख्यमंत्री ने नेताओं व अफसरों से स्कूलों को गोद लेने का अनुरोध किया था। उनकी अपील के बाद भी अब तक पूरे प्रदेश में मात्र 8082 विद्यालय गोद लिए गए हैं। महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने इस पर अफसोस जताया है और सभी बीएसए को निर्देश दिए हैं कि इसके लिए और प्रयास किए जाएं। अब मंडल और जिलास्तर पर तैनात शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों को अनिवार्य रूप से एक-एक विद्यालय को गोद लेकर उसका समुचित विकास करने के निर्देश दिए गए हैं। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों के प्रति बच्चों व अभिभावकों का रुझान बढ़ाने के लिए स्कूलों का कायाकल्प किया जा रहा है। अब वहां सभी अवस्थापन सुविधाएं देकर पठन-पाठन का माहौल बनाने के भी निर्देश दिए गए हैं। जो जनप्रतिनिधि या अधिकारी जिस विद्यालय को गोद लेंगे उसमें जोभी अवस्थापन सुविधाएं नहीं होंगी उसे उनको पूर्ण करना है।
शौचालय, पेयजल, पर्याप्त फर्नीचर और स्मार्ट क्लास जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना गोद लेने वाले व्यक्ति का काम होगा। यह अभियान राज्य सरकार द्वारा प्राथमिक शिक्षा के भविष्य को आकार देने और प्राथमिक विद्यालयों के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। सभी जनप्रतिनिधियों एवं राजपत्रित अधिकारियों को अनिवार्य रूप से कम से कम एक परिषदीय विद्यालय को गोद लेना होगा। इस संदर्भ में बेसिक शिक्षा निदेशक महेंद्र देव ने सभी जनपदों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं।
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