लर्निंग कार्नर की शिक्षण सामग्री से खेल-खेल में पढ़ेंगे परिषदीय स्कूलों के बच्चे
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की संस्तुतियों के आधार पर बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा देने के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है। इसके तहत पहले चरण में सरकार ने बच्चों को शिक्षण सामग्री मुहैय्या कराने के लिए करीब 43 करोड रुपये जारी किए हैं। इससे विद्यालय परिसर में संचालित ऐसे आंगनबाड़ी केंद्र जो को-लोकेटेड के रूप में चिन्हित है को लर्निंग कार्नर के रूप में विकसित किया जायेगा

कानपुर देहात। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की संस्तुतियों के आधार पर बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा देने के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है। इसके तहत पहले चरण में सरकार ने बच्चों को शिक्षण सामग्री मुहैय्या कराने के लिए करीब 43 करोड रुपये जारी किए हैं। इससे विद्यालय परिसर में संचालित ऐसे आंगनबाड़ी केंद्र जो को-लोकेटेड के रूप में चिन्हित है को लर्निंग कार्नर के रूप में विकसित किया जायेगा।प्रदेश में वर्तमान में 52,836 को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केन्द्र हैं जिसके लिए प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2023-24 प्रति विद्यालय 8110 रुपये स्वीकृत करते हुए 42 करोड़ 84 लाख 83 हजार 740 रुपये जारी कर दिए हैं।
रीडिंग कार्नर-
वर्णमाला के ब्लॉक, आराम दायक रैक, पिक्चर एवं स्टोरी बुक्स, हस्त निर्मित उच्चारण बुकमार्क, स्लेट तथा पोस्टर व चार्ट आधारित रिडिंग सामग्री।
आर्ट कार्नर-
हस्त निर्मित पेपर, ग्लेज पेपर, स्पॉन्ज, फल-सब्जी एवं पशुओं के प्लास्टिक मॉड्यूल जिसमें क्ले भरे जा सकें। आइसक्रीम स्टीक, टूथब्रश आदि।
परफार्मेन्स कार्नर-
काल्पनिक खेल आदि के लिए कपड़े के अलग-अलग पोशाक, डफली, हैट, मास्क एवं स्कार्फस, किचेन सेट, डॉक्टर्स सेट, डॉल, फूड सेट आदि।
ब्लॉक कार्नर-
पिक्चर पजल्स, रंगीन लकड़ियों के ब्लॉक्स, नंबर एवं हिन्दी वर्णमाला के अल्फाबेट्स ब्लॉक तथा क्लिपबोर्ड आदि का एक कॉर्नर होगा।
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