अधिकांश स्कूलों में अभी तक नहीं लगा हमारे शिक्षक बोर्ड
परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति का फर्जीवाड़ा और प्रॉक्सी अध्यापकों को रोकने के लिए विभाग ने भले ही बड़ी पहल की हो लेकिन शिक्षक इस कार्य में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।

कानपुर देहात,अमन यात्रा : परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति का फर्जीवाड़ा और प्रॉक्सी अध्यापकों को रोकने के लिए विभाग ने भले ही बड़ी पहल की हो लेकिन शिक्षक इस कार्य में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। अभी तक अधिकांश स्कूलों में हमारे शिक्षक बोर्ड नहीं लगाया गया है जबकि 1 माह के भीतर स्कूलों में यह कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण में अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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बता दें परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की दीवारों पर शिक्षक विवरण का बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाया जाएगा। इस बोर्ड में विद्यालय के सभी शिक्षकों का पूरा विवरण दर्ज होगा। इसके लिए प्रत्येक विद्यालय को पांच सौ रुपये की राशि अनुमन्य है। इस बाबत प्रमुख सचिव की ओर से सभी बीएसए को पत्र भेजा जा चुका है। इस बोर्ड में अध्यापक की फोटो, शैक्षिक योग्यता, प्रशिक्षण योग्यता, मानव संपदा आईडी व अन्य गतिविधियों का विवरण अंकित करना होगा।
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साथ ही विद्यालय में नियुक्ति और यदि पुरस्कार मिला है तो उसका विवरण भी दर्ज होगा। बीएसए रिद्धी पाण्डेय ने बताया कि इस बोर्ड को लगाने से शिक्षकों का गौरव बढ़ेगा। स्थानीय लोग भी शिक्षकों से परिचित रहेंगे। एक बोर्ड पर अधिकतम छह शिक्षकों का विवरण लिखना है। साथ ही इस बोर्ड को ऐसी जगह पर लगाना होगा जहां से सबकी नजर पड़े।
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