आंकड़े बाजी छोड़ पुरानी पेंशन बहाल करे सरकार
केंद्र और राज्य सरकार के अधीन कार्यरत करोड़ों कर्मचारी पूरे मनोयोग से अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए शारीरिक मानासिक और आर्थिक रूप से दुर्बल होकर जब अवकाश ग्रहण करता है उस समय पेंशन उसके लिए आर्थिक मानसिक सम्बल के रूप में उसकी सहायता करता है जहाँ पहले हर ब्यक्ति स्वस्थ व निरोग रहते हुए जीवन की लम्बी पारी आसानी से जी लेता था वहीं अब सेवावधि में तनावपूर्ण माहौल में रिटायरमेंट तक पहुंचते पहुंचते तमाम बीमारियों से घिर चुका कर्मचारी अपने पारिवारिक जिम्मेंदारी के निर्वहन के साथ मंहगी चिकित्सा का भार कैसे उठा सकता , यह हमारे नीति नियंताओं को समझना आवश्यक है

अमन यात्रा ब्यूरो। केंद्र और राज्य सरकार के अधीन कार्यरत करोड़ों कर्मचारी पूरे मनोयोग से अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए शारीरिक मानासिक और आर्थिक रूप से दुर्बल होकर जब अवकाश ग्रहण करता है उस समय पेंशन उसके लिए आर्थिक मानसिक सम्बल के रूप में उसकी सहायता करता है जहाँ पहले हर ब्यक्ति स्वस्थ व निरोग रहते हुए जीवन की लम्बी पारी आसानी से जी लेता था वहीं अब सेवावधि में तनावपूर्ण माहौल में रिटायरमेंट तक पहुंचते पहुंचते तमाम बीमारियों से घिर चुका कर्मचारी अपने पारिवारिक जिम्मेंदारी के निर्वहन के साथ मंहगी चिकित्सा का भार कैसे उठा सकता , यह हमारे नीति नियंताओं को समझना आवश्यक है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ कानपुर देहात के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार शुक्ल नें कहा कि लोक कल्याणकारी भावना के साथ कार्य कर रही सरकार की जिम्मेदारी अपने हर नागरिक के हितों की रक्षा करने की होती है , इसलिए सरकार NPS रूपी काले कानून को पूर्णतः समाप्त कर पूर्व से मिल रही OPS की ब्यवस्था को पुनः चालू करें ।
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