सीएल अप्रूव नहीं तो प्रधानाध्यापक होंगे दोषी
बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में सीएल का खेल चल रहा है जिसका खुलासा खुद अफसरों की जांच में हुआ है।

अमन यात्रा, कानपुर देहात। बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में सीएल का खेल चल रहा है जिसका खुलासा खुद अफसरों की जांच में हुआ है। ऐसे में बीएसए रिद्धी पाण्डेय ने इस पर शिकंजा कसने को लेकर आदेश जारी किया है कि स्कूल प्रारंभ होने के 1 घंटा पहले प्रधानाध्यापक ने अगर सीएल को अप्रूव नहीं किया तो उन्हें दोषी मानते हुए सख्त कार्यवाही की जाएगी। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आदेश के बाद परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक अब मनमानी तरीके से अवकाश नहीं ले सकेंगे। यदि कोई शिक्षक केजुएल लीव (सीएल) लेता है तो प्रधानाध्यापक को विद्यालय का समय शुरू होने से एक घंटे के पहले उसका अवकाश पोर्टल पर स्वीकृत करना होगा। उसके बाद अवकाश नहीं स्वीकृत माना जाएगा और इसके लिए प्रधानाध्यापक को जिम्मेदार मानते हुए उसके खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्यवाही की जाएगी।
ऐसी सूचना मिली है कि कतिपय शिक्षक सीएल लेने के बाद विद्यालय की छुट्टी होने तक अप्रूव न होने पर उसे कैंसिल कर देते हैं। अगर कोई अधिकारी निरीक्षण करने पहुंच जाता है तो तुरंत ही उसे अप्रूव कर देते हैं, यदि कोई अधिकारी नहीं पहुंचता तो उसे अगले दिन कैंसिल कर देते हैं इस तरह वे आकस्मिक अवकाश को बचा लेते हैं। ऐसे शिक्षकों पर लगाम कसने के लिए कार्यवाही शुरू की गई है। अब किसी भी शिक्षक का सीएल विद्यालय का समय शुरू होने से एक घंटे के अंदर अप्रूव करना होगा। ऐसा न करने पर संबंधित प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। यदि कोई शिक्षक समय से स्कूल में उपस्थित हो जाता है और अचानक एक-दो घंटे बाद किसी कारणवश उसे उसी दिन छुट्टी की जरूरत पड़ती है तो उसे बीईओ को सूचना देकर स्वीकृति लेनी होगी।
Discover more from अमन यात्रा
Subscribe to get the latest posts sent to your email.