बजट मिला, रसोइयों के लिए खरीदे जाएंगे एप्रन
मध्याह्न भोजन योजना के तहत अब रसोइये सुरक्षा के मानक पूरे करते हुए भोजन पकाएंगे। एप्रन, ग्लब्स सहित अन्य सामग्री खरीदने के लिए बजट आवंटित हो गया है। प्रत्येक विद्यालय को 700 रुपये का बजट मिला है। इससे जिले के 1925 परिषदीय विद्यालयों को फायदा मिलेगा। परिषदीय विद्यालयों में नौनिहालों को एमडीएम दिया जाता है

कानपुर देहात। मध्याह्न भोजन योजना के तहत अब रसोइये सुरक्षा के मानक पूरे करते हुए भोजन पकाएंगे। एप्रन, ग्लब्स सहित अन्य सामग्री खरीदने के लिए बजट आवंटित हो गया है। प्रत्येक विद्यालय को 700 रुपये का बजट मिला है। इससे जिले के 1925 परिषदीय विद्यालयों को फायदा मिलेगा। परिषदीय विद्यालयों में नौनिहालों को एमडीएम दिया जाता है। भोजन पकाने की जिम्मेदारी रसोइयो की होती है। कई बार औचक निरीक्षण में यह बात सामने आई है कि रसोइया बिना सुरक्षा के मानक पूरे करते हुए भोजन पका रही हैं। विभाग बजट न होने की बात कहता रहा है। अब यह समस्या भी दूर हो गई है। रसोइया भोजन बनाते समय सुरक्षा के सभी उपाए पूरे करेंगी। रसोइयों को ग्लब्स, एप्रन, हेड कवर, हाथ धोने का साबुन, लेखन सामग्री खरीदने के लिए बजट दिया गया है।
यह बजट सीधे विद्यालय प्रबंध समिति के खातों में भेजा जाएगा। प्रधानाध्यापक बजट को निकालकर मार्च के प्रथम सप्ताह तक खर्च करना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही बीईओ को उपभोग प्रमाणपत्र भी मुहैय्या कराएंगे। यह बजट किसी दूसरे मद पर खर्च नहीं किया जाएगा।
मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की ओर से मिड-डे-मील के लिए 9.92 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। महानिदेशक कंचन वर्मा ने बताया कि मिड-डे-मील वितरित करने वाले 1.41 लाख विद्यालयों के लिए प्रति विद्यालय 700 रुपये की दर से यह लिमिट जारी की गई है। इस राशि का प्रयोग रसोइयों के लिए एप्रन, ग्लब्स, हेड कवर, हाथ धोने का साबुन, लेखन सामग्री आदि के लिए किया जा सकता है।
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