लू और गर्म हवाओं से पशुओं की रक्षा करें
जिलाधिकारी आलोक सिंह के निर्देशानुसार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुबोध कुमार ने पशुपालकों को गर्मी के मौसम में अपने पशुओं की देखभाल के लिए महत्वपूर्ण सलाह दी है।

- पशुपालकों को उचित प्रबंधन की सलाह, आपातकालीन सेवाओं के लिए संपर्क जानकारी
कानपुर देहात : जिलाधिकारी आलोक सिंह के निर्देशानुसार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुबोध कुमार ने पशुपालकों को गर्मी के मौसम में अपने पशुओं की देखभाल के लिए महत्वपूर्ण सलाह दी है। अप्रैल, मई और जून के महीनों में गर्म हवाओं और लू के प्रकोप से पशुओं का दूध उत्पादन कम हो जाता है और उनकी सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है।
पशुओं को लू से बचाने के उपाय:
- पशुओं को छायादार स्थानों में रखें।
- पशुशालाओं को टाट, बोरों या तिरपाल से ढककर ठंडा रखें।
- पशुओं को दिन में कई बार ठंडा पानी पिलाएं।
- पशुओं को हरा चारा खिलाएं और संतुलित आहार दें।
- पशुओं को दिन के सबसे गर्म समय में बाहर न निकालें।
आपातकालीन सेवाएं:
पशुओं को लू लगने या अन्य आपातकालीन स्थिति में, पशुपालक इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
- जनपदीय नोडल अधिकारी: डॉ. सुधाकर सिंह (9450630256)
- आपदा नियंत्रण कक्ष: डॉ. स्नेह कुमार (8958222243)
- मोबाइल वेटनरी यूनिट: 1962
- टोल फ्री नंबर: 1800-180-1962
अन्य महत्वपूर्ण जानकारी:
- इस मौसम में एमपी चरी ज्वार में हाइड्रोसाइनिक एसिड की विषाक्तता से पशुओं की मृत्यु हो सकती है, इसलिए सावधानी बरतें।
- लू और हीटवेव से प्रभावित पशुओं का उपचार होने तक चिकित्सा जारी रहेगी।
- पशु की मृत्यु होने पर, पशुपालन और राजस्व विभाग के कर्मचारी मिलकर जिला प्रशासन को रिपोर्ट भेजेंगे, ताकि पशुपालकों को मुआवजा मिल सके।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुबोध कुमार ने सभी पशु चिकित्सालयों को आपदाओं से संबंधित दैनिक, साप्ताहिक और मासिक जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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