71 दिलों का संगम: सिकंदरा में समाज कल्याण विभाग ने कराया भव्य सामूहिक विवाह
समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आज जनपद कानपुर देहात के सिकन्दरा नगर पंचायत में एक भव्य सामूहिक विवाह समारोह आयोजित हुआ।

- हिन्दू और बौद्ध रीति से संपन्न हुआ विवाह, 26 मार्च को सजा सिकन्दरा का मंगल माहौल
कानपुर देहात: समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आज जनपद कानपुर देहात के सिकन्दरा नगर पंचायत में एक भव्य सामूहिक विवाह समारोह आयोजित हुआ। आरती ग्लोरी गार्डन, सन्दलपुर रोड, बिरहाना में आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 71 जोड़ों ने सात फेरे लिए। इनमें अनुसूचित जाति के 59, अन्य पिछड़ा वर्ग के 11 और अल्पसंख्यक वर्ग का 1 जोड़ा शामिल रहा। जिलाधिकारी आलोक सिंह के निर्देशन में यह आयोजन खण्ड विकास अधिकारी और अधिशासी अधिकारी की निगरानी में सम्पन्न हुआ।
चार जोड़ों ने चुनी बौद्ध रीति, परिजनों की आपत्ति के बाद बदला विवाह का तरीका
इस समारोह में एक खास बात सामने आई जब अनुसूचित जाति के चार जोड़ों—आरती (पुत्री संत कुमार, मानपुर सिकन्दरा), मधु देवी (पुत्री विकास कुमार, इटखुदा), हरवंश कुमारी (पुत्री उत्तम कुमार, कांधी की मड़ैया), और दामिनी (पुत्री श्याम सिंह, नोनारी)—के परिजनों ने हिन्दू रीति-रिवाज से विवाह पर आपत्ति जताई। इसके बाद इन जोड़ों का विवाह बौद्ध धर्म की रीति-रिवाज से सम्पन्न कराया गया। यह कदम विविधता और सम्मान का अनूठा उदाहरण बना।
नगर पंचायत अध्यक्षा सीमा पाल ने किया कन्यादान, वर-वधू को दिया आशीर्वाद
कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्षा श्रीमती सीमा पाल और समाज कल्याण अधिकारी ने एक कन्या का कन्यादान कर इस आयोजन को और पवित्र बनाया। श्रीमती सीमा पाल के साथ नगर पंचायत के सम्मानित सभासदों ने सभी वर-वधुओं को आशीर्वाद दिया और उपहार स्वरूप सामग्री भेंट की। यह पल नवविवाहित जोड़ों के लिए यादगार बन गया, जब उन्हें सामाजिक समर्थन के साथ नई जिंदगी की शुरुआत का आशीर्वाद मिला।
जिलाधिकारी के नेतृत्व में सफल आयोजन, समाज कल्याण की बड़ी पहल
जिलाधिकारी आलोक सिंह के कुशल निर्देशन में यह सामूहिक विवाह समारोह बिना किसी रुकावट के सम्पन्न हुआ। समाज कल्याण विभाग ने इस योजना के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों को नई जिंदगी की सौगात दी। 71 जोड़ों का यह विवाह न सिर्फ एक सामाजिक उत्सव था, बल्कि सरकार की समावेशी नीतियों का भी प्रतीक बना। आयोजन स्थल पर मंगल गीतों और खुशियों की गूंज ने माहौल को और जीवंत कर दिया।
सिकन्दरा में बंधा खुशियों का गठबंधन, सामूहिक विवाह बना मिसाल
यह सामूहिक विवाह समारोह सिकन्दरा के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बन गया। हिन्दू और बौद्ध रीति से संपन्न हुए इन विवाहों ने समाज में एकता और सहयोग की भावना को मजबूत किया। नवविवाहित जोड़ों के चेहरों पर खुशी और परिजनों की आंखों में संतोष इस बात का सबूत था कि समाज कल्याण विभाग की यह पहल हर दिल को छू गई। यह आयोजन न केवल रिश्तों का बंधन बांधने वाला साबित हुआ, बल्कि सामाजिक उत्थान की दिशा में भी एक बड़ा कदम बना।
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