कौन सा राजनीतिक दल जीतेगा यूपी चुनाव 2022? पढ़िये- राकेश टिकैत की ‘भविष्यवाणी’
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर देशभर की निगाहें हैं। लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या यूपी में भाजपा की सत्ता बरकरार रहेगी या फिर कोई बदलाव होगा? इस बीच राकेश टिकैत यूपी चुनाव 2022 को लेकर तरह तरह के बयान और प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

गाजियाबाद, अमन यात्रा । उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर देशभर की निगाहें हैं। लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या यूपी में भाजपा की सत्ता बरकरार रहेगी या फिर कोई बदलाव होगा? इस बीच राकेश टिकैत यूपी चुनाव 2022 को लेकर तरह तरह के बयान और प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। पिछले दिनों राकेश टिकैत का दिया गया बयान एक बार फिर चर्चा में है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने पिछले दिनों एक निजी न्यूज टेलीविजन चैनल पर चर्चा के दौरान यह कहकर सनसनी मचा दी थी कि यूपी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की सत्ता बरकरार रहेगी। दरअसल, इशारों-इशारों में राकेश टिकैत ने सरकारी मशीनरी को निशाने पर लेते हुए कहा था कि यूपी में तो जनता भारतीय जनता पार्टी को वोट नहीं देगी, बावजूद इसके भाजपा की ही जीत होगी, क्योंकि सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल किया जाएगा।
भाजपा पर किया बड़ा हमला
राकेश टिकैत ने यह भी कहा है कि भारतीय जनता पार्टी अन्य राजनीतिक पार्टियों के उम्मीदवारों को पर्चा दाखिल करने से भी रोकेगी या फिर उनका नामांकन खारिज करा देगी। इसके अलावा, राकेश टिकैत ने भाजपा को लेकर यह भी कहा कि यह पार्टी जहां पर जीती है लोगों को/पार्टियों का तोड़ने का काम करती है।
नहीं खाली करेंगे बार्डर
तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों की पूरी तरह से वापस लेने की मांग करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि दिल्ली-यूपी का बार्डर खुलते हैं तो किसान प्रदर्शनकारी दिल्ली भी जाएंगे। मंडियां तो सरकार ने बंद करा दी हैं। ऐसे में हम सही दाम पर संसद में ही अपनी फसलों को बेचने की कोशिश करेंगे। राकेश टिकैत ने दावा किया है कि अगर दिल्ली-एनसीआर के बार्डर खोले जाते हैं तो सबसे पहले तो किसानों के ट्रैक्टर ही दिल्ली जाएंगे। राकेश टिकैत ने एक बार फिर जोकर देकर कहा कि हम कानून वापसी के साथ ही घर वापसी करेंगे। उससे पहले हम घर नहीं लौटेंगे।
पेट्रोल-डीजल के दाम घटाने को लेकर सरकार पर उठाए सवाल
दीवाली पर पेट्रोल और डीजल के दामों में कटौती को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए राकेठ टिकैत ने कहा कि 100 रुपये बढ़ाकर ये 5 रुपये घटा रहे हैं। राकेश टिकैत ने तो यहां तक कह दिया कि केंद्र सरकार ने यह कदम यूपी समेत कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के सिलसिले में उठाया है।
नेपाल के बराबर करें पेट्रोल-डीजल के दाम
उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि केंद्र सरकार ने 5-10 रुपये कम किया, फिर राज्यों ने भी कम किया। ये 12 रुपये, 15 रुपये तक गए हैं। इसका मतलब 50 रुपये बढ़ाकर 6 रुपये कम कर दिए गए। थोड़ा सा दाम और कम कर दें। कम से कम 60-65 रुपये तक कर दें, नेपाल के बराबर ही कर दें।
बता दें कि भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत पहले ही एलान कर चुके हैं कि संयुक्त किसान मोर्चा यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में भारतीय जनता पार्टी का विरोध करेगा। वह यहां तक कह चुके हैं- ‘मैं किसानों से अनुरोध करूंगा कि वे आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को वोट न दें।’ इसके साथ वह कई बार कह चुके हैं कि संयुक्त किसान मोर्चा उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पंजाब और उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों के विधानसभा चुनावों में भाजपा का विरोध करेगा।
गौरतलब है कि 26 नवंबर, 2020 से दिल्ली-एनसीआर के चारों बार्डर (सिंघु, टीकरी, शाहजहांपुर और गाजीपुर) पर शुरू हुआ किसानों का धरना प्रदर्शन आगामी 26 नवंबर को 12 महीने पूरे कर जाएगा। ऐसे में संयुक्त किसान मोर्चा 26 नवंबर को भारत बंद करने का भी फैसला ले सकता है।

Author: pranjal sachan
कानपुर ब्यूरो चीफ अमन यात्रा
Related
Discover more from अमन यात्रा
Subscribe to get the latest posts sent to your email.