अकबरपुर महाविद्यालय में रामानुजन मेमोरियल व्याख्यान आयोजित
अकबरपुर महाविद्यालय में गणित दिवस पखवाड़ा के अंतर्गत रामानुजन मेमोरियल व्याख्यान का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में ब्रह्मानंद महाविद्यालय कानपुर के गणित विभाग के प्रोफेसर डॉ. एस एन मिश्रा ने उद्बोधन देते हुए श्रीनिवास रामानुजन के जीवन से संबंधित विभिन्न अनछुए पहलुओं पर प्रकाश डाला।

- मुख्य वक्ता प्रोफेसर एसएन मिश्रा ने श्रीनिवास रामानुजन के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला
सुशील त्रिवेदी, अकबरपुर : अकबरपुर महाविद्यालय में गणित दिवस पखवाड़ा के अंतर्गत रामानुजन मेमोरियल व्याख्यान का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में ब्रह्मानंद महाविद्यालय कानपुर के गणित विभाग के प्रोफेसर डॉ. एस एन मिश्रा ने उद्बोधन देते हुए श्रीनिवास रामानुजन के जीवन से संबंधित विभिन्न अनछुए पहलुओं पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के कार्यों को समझने से पूर्व उसके जीवन चरित्र को समझना भी आवश्यक होता है। हमारे देश के महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन का प्रारंभिक जीवन अत्यंत कठिनाइयों के साथ गुजरा था। उन्होंने अपनी लगन एवं निष्ठा के फल स्वरुप देश-विदेश में अपना नाम किया तथा एक भविष्यवक्ता के रूप में अनेकों ऐसी गणितीय समस्याएं एवं समीकरणों की चर्चा की जिनको समझाना बड़े-बड़े गणितज्ञों के लिए भी सहज न था। गणित के क्षेत्र में रामानुजन का योगदान अभूतपूर्व है तथा सदैव हमारी प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
अति विशिष्ट अतिथि के रूप में कानपुर देहात जनपद के अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व केशव नाथ गुप्ता की उपस्थित रही। उन्होंने कहा कि गणित एवं विज्ञान का अनूठा संबंध होता है। कई गणितज्ञों ने विज्ञान के क्षेत्र में तथा कई वैज्ञानिकों ने गणित के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दिया है। रामानुजन की लगन एवं निष्ठा तथा हार्डी जैसे गुरुओं के साथ ने उनके व्यक्तित्व को ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। हमें भी उनसे प्रेरणा लेकर शैक्षिक उन्नयन हेतु अग्रसर होना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला विपणन अधिकारी डॉ. राघवेंद्र सिंह ने कहा कि जीवन के हर क्षेत्र में गणित है। हम गणित और विज्ञान के बिना आधुनिक जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के संरक्षक एवं पूर्व प्रबंधक डॉ. नरेंद्र द्विवेदी ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय की उद्बोधन में कहा कि वर्तमान प्राचार्य द्वारा यह अच्छी पहल की गई है। भविष्य में भी प्रत्येक वर्ष रामानुजन, हरिश्चंद्र और बाल गंगाधर तिलक पर व्याख्यान का आयोजन हो। इसी दौरान अकबरपुर महाविद्यालय के शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों द्वारा शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में अविस्मरणीय योगदान को याद करते हुए डॉ. नरेंद्र द्विवेदी जी का अभूतपूर्व स्वागत एवं सम्मान किया गया।
कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के उप प्राचार्य डॉ. उमेश चंद्र तिवारी ने किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. अंजू शुक्ला ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
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