विदाई भाषण में बोले गुलाम नबी आजाद- ‘पाकिस्तान के हालात देखकर हिंदुस्तानी मुसलमान होने पर गर्व’
गुलाम नबी आजाद ने कहा- हम गौरव से कह सकते हैं कि हमारे देश के मुसलमानों में बुराईयां नहीं हैं. लेकिन यहां बहुसंख्यक समुदाय को भी दो कदम आगे आने की जरूरत.

गुलाम नबी आजाद ने कहा, ‘’मैं जम्मू-कश्मीर के सबसे बड़े कॉलेज एसपी कॉलेज में पढ़ता था. वहां 14 अगस्त (पाकिस्तान की आजादी का दिन) भी मनाया जाता था और 15 अगस्त भी. वहां ज्यादातर वो लोग थे, जो 14 अगस्त मनाते थे. और जो लोग 15 अगस्त मनाते थे, उनमें मैं था और मेरे दोस्त थे. हम प्रिंसिपल और स्टॉफ के साथ रहते थे. इसके बाद हम दस दिन तक स्कूल नहीं जाते थे क्योंकि पिटाई होती थी. मैं उस स्थिति से निकलकर आया हूं.” उन्होंने कहा, ”मुझे खुशी है कि जम्मू-कश्मीर की कई पार्टियों के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर आगे बढ़ा.”
पाकिस्तान के हालात देखकर हिंदुस्तानी होने पर गर्व होता है- गुलाम
गुलाम ने आगे कहा, ”मेरी हमेशा ये सोच रही है कि हम बहुत खुशकिस्मत है कि हम जन्नत यानि हिंदुस्तान में रह रहे हैं. मैं तो आजादी के बाद पैदा हुआ. लेकिन आज गुगल के जरिए और यूट्यूब के जरिए मैं पढ़ता हूं और देखता हूं. मैं उन खुशकिस्मत लोगों में से हूं जो कभी पाकिस्तान नहीं गया. लेकिन जब मैं देखता हूं कि पाकिस्तान में किस तरह के हालात हैं तो मुझे हिंदुस्तानी होने पर फक्र होता है कि हम हिंदुस्तानी मुसलमान हैं.” उन्होंने कहा, ”आज विश्व में किसी मुसलमान को फक्र होना चाहिए तो वो हिंदुस्तान के मुसलमान को होना चाहिए.”
बहुसंख्यक समुदाय को भी दो कदम आगे आने की जरूरत- गुलाम
गुलाम नबी ने कहा, ”हम पिछले 30-35 सालों से तालिबान और अफगानिस्तान जैसे देशों को भी देख रहे हैं. दुनिया में ऐसे कई देश हैं जो आपस में लड़ रहे हैं. वहां हिंदु या ईसाई नहीं है, वहां मुसलमान हैं फिर भी आपस में लड़ाई कर रहे हैं. जो समाज में बुराई हैं, आज हम गौरव से यह कह सकते हैं कि हमारे देश के मुसलमानों में वह बुराईयां नहीं हैं. लेकिन यहां बहुसंख्यक समुदाय को भी दो कदम आगे आने की जरूरत है.”



