जरा हटके
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आदर्शों के बोझ तले दबा शिक्षक: प्रतीकों में सिमटा सम्मान, अधिकारों में आज भी पीछे
आदर्शों और उपमाओं के बोझ तले दबा शिक्षक आज पद, पावर और प्रतिष्ठा की दौड़ में सबसे पीछे छूट गया…
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सरप्लस की मुहर और नीतिगत अनिश्चितता: क्या ऐसे मिलेगी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
शिक्षा व्यवस्था में बार-बार बदलते नियमों और शासनादेशों के कारण सरप्लस शिक्षक का मुद्दा एक गंभीर प्रशासनिक और मानसिक संकट…
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टॉपर मैनेजमेंट और ब्रांड युद्ध: शिक्षा का बदलता व्यावसायिक चेहरा
आज शिक्षा का सबसे बड़ा बाजार सीखने का नहीं बल्कि केवल दिखने का बनकर रह गया है। बड़े नामी स्कूलों…
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फाइलों में भागीदारी फैसलों में तानाशाही नीति की मेज पर दम तोड़ता संवाद
शिक्षकों और अधिकारियों के जमीनी अनुभवों को दरकिनार कर बंद कमरों में नीतियां थोप दिए जाने का एक ताजा मामला…
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एक आदेश, एक समाधान से नहीं सुधरेगी शिक्षा व्यवस्था, जमीनी हकीकत समझकर देने होंगे स्थानीय समाधान
शिक्षा के क्षेत्र में वन-साइज-फिट्स-ऑल का मॉडल जमीनी स्तर पर पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। विशेषज्ञों और शिक्षाविदों…
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कानपुर: जलभराव और बदहाल सड़कों के कारण स्कूल जाने में हो रही है परेशानी
जलभराव और सड़कों की खस्ताहाल स्थिति ने हम सभी का जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। रोज सुबह जब मैं…
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डिजिटल शिक्षा है दोधारी तलवार, इससे फैल रहे हैं अनेकों विकार
जब भी शिक्षा में नई तकनीक आती है उसका स्वागत होना चाहिए। ब्लैकबोर्ड आया तो उसने स्लेट का विरोध नहीं…
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टीईटी प्रमाण पत्र के बगैर क्या गुणवत्तापरक शिक्षा नहीं दी जा सकती
टीईटी को लेकर होने वाली अधिकांश बहसों में एक बात लगभग निर्विवाद सत्य की तरह प्रस्तुत की जाती है कि…
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क्या बेहतरीन शिक्षक का संपूर्ण पैमाना है टीईटी परीक्षा
सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया और रामऔतार मास्टर साहब को पहली बार अपने बारे में एक ऐसी जानकारी मिली जो…
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स्कूलों का निजीकरण होने के बावजूद सरकारी स्कूल क्यों हैं जरूरी
भारत में शिक्षा को लेकर सबसे बड़ा भ्रम यह फैलाया गया कि निजीकरण यानी गुणवत्ता और सरकारी यानी असफलता। पिछले…
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