कानपुर देहात: बिना एंटीवेनम टीका लगाए सर्पदंश मरीज रेफर किया तो नपेंगे डॉक्टर, सीएमओ का कड़ा फरमान
सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में मौजूद है प्रतिविष, झाड़-फूंक छोड़कर तुरंत अस्पताल लाने की अपील
कानपुर देहात: मुख्य चिकित्सा अधिकारी कानपुर देहात डॉ. जय गोविंद ने जनपद के सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्साधिकारियों, चिकित्सा अधीक्षकों तथा सभी सरकारी अस्पतालों के चिकित्सकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। आज जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सर्पदंश के शिकार मरीज के उपचार में हीलाहवाली करने की शिकायत की पुष्टि होने पर संबंधित चिकित्सक के विरुद्ध कड़ी से कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बिना टीका लगाए रेफर करने पर कार्रवाई
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने आज जारी पत्र में यह भी निर्देश दिया है कि सर्पदंश के शिकार मरीज को प्रतिविष टीका लगाने के बाद ही, यदि जरूरत हो तो, उच्च केंद्र के लिए रेफर किया जाए। बिना प्रतिविष टीका लगाए मरीज को रेफर करने पर संबंधित चिकित्सक के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि टीका लगाने में देरी या मरीज को सीधे रेफर करना आपराधिक लापरवाही मानी जाएगी।
प्रतिविष टीका पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध
बृहस्पतिवार को एक भेंट के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय गोविंद ने बताया कि जनपद के सभी सरकारी अस्पतालों में सर्पदंश के शिकार मरीज को लगाई जाने वाली प्रतिविष टीका पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसी भी अस्पताल में टीके की कमी नहीं है।
सर्प की पहचान बताना मददगार
एक सवाल के जवाब में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि सर्पदंश के शिकार मरीज को उसके परिजनों को तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल उपचार के लिए ले जाना चाहिए। यदि यह संभव हो सके तो किस प्रजाति के सर्प ने डसा है, इसकी प्रमाणित जानकारी मरीज का उपचार शुरू होने के पहले चिकित्सक को निश्चित रूप से दी जानी चाहिए। इससे चिकित्सक को उपचार करने में मदद मिलती है, क्योंकि कुछ प्रजाति के सर्प जहरीले नहीं होते हैं।
लक्षण देखकर ही लगे टीका, झाड़-फूंक से बचें
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने आगे कहा कि सर्पदंश के शिकार मरीज को अस्पताल आने के बाद उसके लक्षणों पर नजर रखने के बाद एवं परिजनों से जानकारी लेने के बाद ही प्रतिविष टीका लगाया जाना चाहिए। उन्होंने जनता से अपील की है कि सर्पदंश के शिकार मरीज को झाड़-फूंक न कराकर सीधे उपचार के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाना चाहिए। झाड़-फूंक के चक्कर में कीमती समय बर्बाद होता है और मरीज की जान को खतरा बढ़ जाता है।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं
डॉ. जय गोविंद ने सभी चिकित्सकों को चेताया है कि सर्पदंश जैसे आपात मामलों में तत्परता दिखाना अनिवार्य है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी चिकित्सक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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