कानपुर देहातउत्तरप्रदेशफ्रेश न्यूज

कानपुर देहात: 6 साल से बिना सूचना गायब शिक्षिका पर बीएसए का चला चाबुक, सेवा से बर्खास्तगी के साथ भविष्य में सरकारी नौकरी पर भी लगा परमानेंट बैन

मैथा ब्लॉक के कारी कलवारी विद्यालय का मामला, बेसिक शिक्षा परिषद के कड़े नियमों के तहत की गई कार्रवाई

राजेश कटियार, कानपुर देहात देहात। जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग ने अनुशासनहीनता और लापरवाही के खिलाफ एक बेहद सख्त कदम उठाया है। मैथा विकासखंड के अंतर्गत संविलियन उच्च प्राथमिक विद्यालय, कारी कलवारी में तैनात सहायक अध्यापिका रेशू गंगवार को गंभीर आरोपों के तहत सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय द्वारा जारी इस आधिकारिक आदेश के बाद पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है।

आदेश के अनुसार शिक्षिका रेशू गंगवार 21 जुलाई 2020 से बिना किसी पूर्व सूचना, प्रार्थना पत्र या विभागीय अनुमति के लगातार विद्यालय से लापता चल रही थीं। लंबे समय तक अनाधिकृत रूप से गायब रहने पर विभाग ने उन्हें नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का एक अंतिम अवसर दिया गया था। इसके अनुपालन में 14 अगस्त 2026 को शिक्षिका कार्यालय में उपस्थित भी हुईं लेकिन उनके द्वारा प्रस्तुत किया गया स्पष्टीकरण पूरी तरह से तथ्यहीन और असंतोषजनक पाया गया। 6 साल की इस लंबी अनुपस्थिति का उनके पास कोई वैध कारण नहीं था।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के सचिव द्वारा मिले कड़े निर्देशों के तहत यह दंडात्मक कार्यवाही की गई है। उत्तर प्रदेश फंडामेंटल रूल्स, स्टाफ रूल्स 1973 और सिविल सर्विसेज नियमावली के नियमों का उल्लंघन करने पर शिक्षिका को सेवा से पदच्युति जो भविष्य में नियोजन से निरहित करता हो के तहत बर्खास्त किया गया है। इस कड़े कानूनी प्रावधान का सीधा मतलब यह है कि उनकी सेवाएं तो समाप्त की ही गई हैं साथ ही वे भविष्य में कभी भी किसी सरकारी नौकरी या नियोजन के लिए भी योग्य नहीं मानी जाएंगी।

 


ये भी पढे- कानपुर देहात: हरिद्वार का सिद्ध बाबा बनकर अनहोनी का डर दिखाते थे, महिलाओं से जेवर ठगने वाले 2 शातिर मुठभेड़ में गिरफ्तार


 

Related Articles

AD
Back to top button