शिक्षकों को दी गई एफएलएन की ट्रेनिंग, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर जोर
प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए बीआरसी केंद्रों पर शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिसके तहत गुरुवार को सरवनखेड़ा विकासखंड के बीआरसी परिसर में एफएलएन प्रशिक्षण के अन्तर्गत तृतीय एवं चतुर्थ बैच के प्रशिक्षण का समापन हुआ।

राजेश कटियार, कानपुर देहात। प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए बीआरसी केंद्रों पर शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिसके तहत गुरुवार को सरवनखेड़ा विकासखंड के बीआरसी परिसर में एफएलएन प्रशिक्षण के अन्तर्गत तृतीय एवं चतुर्थ बैच के प्रशिक्षण का समापन हुआ।
बीईओ मनोज कुमार ने प्रतिभागियों से कहा कि प्राथमिक शिक्षा बच्चों के विकास की बुनियाद होती है यह मजबूत बुनियाद बच्चों को एक सशक्त नागरिक के रूप में तैयार करती है और ऐसे बच्चे आगे चलकर एक प्रगतिशील एवं विकसित समाज का सृजन करने में महत्वपूर्ण एवं सक्रिय योगदान प्रदान करते हैं। बच्चों को कक्षा 1 से 5 तक भाषा एवं गणित मे दक्ष बनाने के लिए निपुण भारत मिशन के अन्तर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत बच्चों को केंद्र में रखकर तैयार की गई संदर्शिकाएं एवं कार्य पुस्तिकाएं सभी को नई शिक्षण विधियां, खेल, गतिविधियों आदि से परिचित करा रही हैं। इस प्रशिक्षण में आप सभी को शिक्षण कार्य करते वक्त जो कार्य विद्यालय में करना है उसके बारे में बताया गया।
आप सभी ने जो आत्मसात किया है उसी से आप बच्चों के भविष्य का सृजन करेंगे प्रशिक्षण आप सबको नवीन चीजे सीखने का अवसर प्रदान करता है। कक्षा 4 एवं 5 मे भाषा और गणित मे किस प्रकार से कार्य करना है इसके बारे मे डी पी तिवारी प्रथम संस्था के जनपदीय प्रभारी ने प्रतिभागियों से कहा कि भाषा एवं गणित में 12-12 दक्षताओं पर कार्य करना है। बच्चों का आकलन टूल से आकलन करने के बाद बच्चों को दो समूह बेसिक एवं एडवांस में बांटना है। आप सभी को निर्देशिकाएं दी गई हैं उनका प्रयोग करते हुए शिक्षण कार्य करना है। एआरपी रूचिर मिश्रा ने भाषा शिक्षण में प्रतिभागियों को साप्ताहिक शिक्षण चक्र एवं शिक्षण योजना के क्रियान्वन पर चर्चा।
एआरपी संजय शुक्ला ने प्रतिभागियों को गणित संद्रर्शिका में खोजें और जाने पर कार्य किस प्रकार से करेंगे इसके विषय में बताया कि खोजे और जाने के अन्तर्गत चतुर्थ दिवस कार्य करना है और शिक्षण योजना स्वयं तैयार करनी है। एआरपी सौरभ यादव ने निपुण तालिका एवं साप्ताहिक आकलन ट्रैकर कैसे भरे इसके विषय मे बताया। अरुण दीक्षित एआरपी ने गणित की दैनिक शिक्षण योजना मे बताया कि प्रथम कालांश में शिक्षण योजना, द्वितीय कालांश मे कार्यपुस्तिका एवं तृतीय कालांश में गणित खेल पर कार्य करना है। लालचन्द्र सिंह ने प्रतिभागियों से कहा कि प्रशिक्षण मे जो सिखाया गया उसका प्रयोग बच्चे को सीखने पर करें।
विजया बनर्जी प्रा वि विराहिनपुर एवं रेखा भाटिया प्रा वि आर्यनगर-2 ने गणित विषय मे कक्षा 3 मे सप्ताह 4 के दिवस 3 के कालांश 3 मे गणित खेल के अन्तर्गत दो अंकीय संख्याओं की समझ बनाने हेतु डेमोंस्ट्रेशन दिया। ऋषभ वाजपेई एवं राहुल राठौर अनुदेशक ने प्रशिक्षण के दौरान टेक्निकल सपोर्ट प्रदान किया। इस प्रशिक्षण मे अनुपम प्रजाति, अश्विनी शर्मा, सुनीता दीक्षित, प्रत्यूष चतुर्वेदी, प्रगति सचान, प्रीति वर्मा, अलका सिंह, ममता निगम, राखी, अंजू, शिवानी यादव, आलोक दीक्षित, मंजू, ज्योति शिखा, विश्वकर्मा, साक्षी वर्मा दीक्षा मिश्रा, अनुपम सचान, प्रतिभा कटियार, शिवकरन सचान आदि उपस्थित रहे।
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