“हमें शर्म नहीं गर्व है” बना समुदाय का लोक प्रिय प्रोग्राम
ग्रामीण क्षेत्रों में पर महिलाओं व किशोरियों में बढ़ रहे प्रजनन संक्रमण से रोकने के लिए आवाज़ आवाज़ उठाना ज़रूरी था, ये कहना है वक़्त की आवाज़ की मैनेजर राधा शुक्ला का

रिपोर्ट – सौरभ मिश्रा
कानपुर देहात। समुदाय रेडियो वक़्त की आवाज़ जन जागरूकता केलिए जाना ही माना जाता है, ये तो सत्य है कि पित्रस्तात्मक समाज में नारी अपने अस्तित्व केलिए सदैव ही संघर्षरत रही है,ऐसे में प्रजनन से सम्बन्धित मुद्दों पर खुल कर बात करना असभ्यता का प्रतीक रहा है, ख़ास कर अपने ग्रामीण क्षेत्रों में पर महिलाओं व किशोरियों में बढ़ रहे प्रजनन संक्रमण से रोकने के लिए आवाज़ आवाज़ उठाना ज़रूरी था, ये कहना है वक़्त की आवाज़ की मैनेजर राधा शुक्ला जी का ,इस आवयश्कता को समझते हुए वक़्त की आवाज़ ने समुदाय में एक बेहतर पहल की है, जिससे समुदाय में जुड़ी विभिन्न भ्रांतियां एंव सामाजिक चुप्पी टूटे,साथ ही महावारी से सम्बन्धित आवश्यकताओं की अंदेखिना हो,सरकार,समुदाय परिवार उनका साथ दे, मज़ाक, झिझक, शर्म ना कर साहस के साथ किशोरियां महिलाएं अपने परिवार का साथ मांग सके।
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